---Advertisement---

एक नए विवाद ने लिया जन्म “मोदी पर्ची वापस लो” क्या है? जानिए पूरा मामला

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

Published on:

Ai janreted photo
---Advertisement---

एक नए विवाद ने लिया जन्म “मोदी पर्ची वापस लो” क्या है? जानिए पूरा मामला

पूरे भारत मे इस समय एक विवाद ने जन्म लिया है, जिसमे यह वायरल हो रहा है। जहा “मोदी पर्ची वापस लो” हाल के समय में सोशल मीडिया और कुछ विपक्षी प्रदर्शनों में उठाया गया एक राजनीतिक नारा है। वही यह कोई आधिकारिक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि एक विरोध स्वरूप इस्तेमाल किया जा रहा वाक्य है। आम तौर पर “मोदी पर्ची” शब्द का प्रयोग उन सरकारी योजनाओं या लाभ वितरण की पर्चियों के संदर्भ में किया जाता है, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर या नाम छपा होता है।

जाने क्या है विवाद?

वही विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों का आरोप है कि केंद्र और कुछ राज्य सरकारें सरकारी योजनाओं जैसे मुफ्त राशन, आवास, गैस कनेक्शन या आर्थिक सहायता के वितरण के दौरान प्रधानमंत्री की तस्वीर और नाम का प्रचार करती हैं। जहा उनका कहना है कि यह सरकारी धन से किया जाने वाला “राजनीतिक प्रचार” है। इसी विरोध में “मोदी पर्ची वापस लो” का नारा लगाया गया, जिसका आशय यह है कि सरकारी लाभ को किसी व्यक्ति विशेष के नाम से न जोड़ा जाए।

जहा सरकार का पक्ष

जहा सरकार और सत्ताधारी दल का कहना है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं, इसलिए उनका नाम या तस्वीर होना स्वाभाविक है। वही उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं में “प्रधानमंत्री” शब्द आधिकारिक नाम का हिस्सा है। वही ऐसे में लाभार्थियों को दी जाने वाली पर्चियों या प्रमाण पत्रों पर योजना का नाम और संबंधित नेतृत्व का उल्लेख किया जाता है।

जाने इसका राजनीतिक असर

जहा यह मुद्दा खासतौर पर चुनावी माहौल में ज्यादा उछलता है। विपक्ष इसे “व्यक्तिपूजा” या “ब्रांडिंग की राजनीति” करार देता है, जबकि भाजपा इसे जनहित योजनाओं की पहचान और जवाबदेही से जोड़कर देखती है। जहा कई राज्यों में राशन वितरण या अन्य लाभ देते समय छपे कूपन या पर्चियों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी बहस और विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

Ai janreted photo

निष्कर्ष

वही “मोदी पर्ची वापस लो” कोई अलग योजना या कानूनी आदेश नहीं, बल्कि एक राजनीतिक नारा है जो सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के तरीके को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है। जहा इसका मूल सवाल यह है कि क्या सरकारी लाभ को किसी एक नेता के नाम से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं। यह बहस आगे भी राजनीतिक और जनमत के स्तर पर जारी रहने की संभावना है।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

---Advertisement---
Share & Earn