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एम्बुलेंस नहीं आई, रास्ते में हुई प्रसूता की डिलीवरी,कुसमी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

अमित श्रीवास्तव

By अमित श्रीवास्तव

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एम्बुलेंस नहीं आई, रास्ते में हुई प्रसूता की डिलीवरी,कुसमी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

एमपी के सीधी जिले के कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार 13 मार्च की सुबह एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस और अस्पताल में स्टाफ नहीं मिलने के कारण रास्ते में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र के ग्राम पंचायत भगवार का है। यहां की निवासी सुमित्रा रजक, पति शिवराज रजक, गर्भावस्था के नौवें महीने में थीं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे से उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क कर अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगी। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस बुलाने के बाद भी लगभग 30 से 40 मिनट तक कोई वाहन नहीं पहुंचा।

अब लगातार दर्द बढ़ने पर परिजनों ने मजबूरी में एक निजी वाहन किराए पर लिया और कुसमी अस्पताल के लिए निकल पड़े। लेकिन रास्ते में ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई और महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद किसी तरह परिजन प्रसूता और नवजात को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचे।

वही परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई जिम्मेदार स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कुसमी क्षेत्र में न तो समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती है और न ही अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ रहता है, जिससे मरीजों को लगातार परेशानी उठानी पड़ती है।

यदि रास्ते में प्रसूता या नवजात के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती, यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। जहा ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं अब इस मामले में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकट सिंह ने बताया कि वे किसी मीटिंग के सिलसिले में सीधी आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस भोपाल स्थित कंट्रोल रूम से संचालित होती है। अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि वापस लौटने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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