एसडीएम की गाड़ी के आगे दौड़ता रहा रेत से भरा हाईवा, मगर कार्रवाई नहीं; आखिर किसका था संरक्षण?
कुसमी बाजार में आधा किलोमीटर तक एसडीएम की आंखों के सामने चलता रहा संदिग्ध रेत वाहन, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों से उठे सवाल
आदिवासी अंचल कुसमी में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक तस्वीर ने कुसमी एसडीएम शैलेश द्विवेदी की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। तस्वीर में रेत से लदा एक हाईवा वाहन एसडीएम की सरकारी गाड़ी के ठीक आगे चलता दिखाई दे रहा है, जबकि एसडीएम का वाहन उसके पीछे-पीछे बाजार क्षेत्र से गुजर रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार का बताया जा रहा है। कुसमी बाजार में रेत से भरा हाईवा काफी दूरी तक एसडीएम की गाड़ी के आगे चलता रहा, लेकिन उसे रोककर जांच करने या उसके दस्तावेजों की पड़ताल करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब आधा किलोमीटर तक दोनों वाहन एक ही मार्ग पर चलते रहे, इसके बावजूद प्रशासनिक सख्ती कहीं नजर नहीं आई।
वायरल तस्वीरों के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोगों का दावा है कि वाहन में अवैध रेत भरी हुई थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब वाहन को रोका ही नहीं गया और उसकी जांच नहीं हुई तो आखिर यह कैसे तय होगा कि वह वैध खनिज परिवहन कर रहा था या अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा था?
कुसमी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में एसडीएम की मौजूदगी में रेत से भरे वाहन पर कार्रवाई न होना लोगों के मन में कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के साथ लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब आम लोगों पर छोटी-छोटी बातों पर कार्रवाई हो सकती है, तो फिर प्रशासन की आंखों के सामने गुजर रहे ऐसे वाहनों की जांच क्यों नहीं की जाती?
अब लोगों की नजर प्रशासन के जवाब पर टिकी हुई है। सवाल केवल एक वाहन का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है, जो अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का दावा तो करती है, लेकिन मौके पर कार्रवाई करती हुई दिखाई नहीं देती।

