₹15 लाख के आइडिया से ₹1,800 करोड़ की वैल्यूएशन तक: Zepto छोड़कर आयुष अग्रवाल ने कैसे ‘Snabbit’ से बदल दी होम-सर्विस इंडस्ट्री
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भारत की स्टार्टअप दुनिया में एक और तेज़ रफ्तार सफलता की कहानी जुड़ गई है। क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto के पूर्व एग्जीक्यूटिव आयुष अग्रवाल ने अपनी हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़कर Snabbit (स्नैबिट) नामक स्टार्टअप की शुरुआत की और महज़ कुछ महीनों में इसे हजारों करोड़ की वैल्यूएशन तक पहुँचा दिया।
10 मिनट डिलीवरी से 10 मिनट होम-सर्विस का आइडिया
आयुष अग्रवाल का विज़न साफ था—जब किराने का सामान 10 मिनट में घर पहुँच सकता है, तो घर की साफ-सफाई, बर्तन धोने और अन्य घरेलू कामों के लिए प्रोफेशनल मदद भी 10–15 मिनट में क्यों न मिले। इसी सोच से 2024 में Snabbit की नींव रखी गई।
सिर्फ ₹15 लाख से शुरू हुआ सफर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयुष ने इस स्टार्टअप की शुरुआत महज ₹15 लाख की पूंजी और एक मजबूत आइडिया के साथ की थी। शुरुआती दौर में ही Snabbit को शानदार रिस्पॉन्स मिला और शहरी परिवारों के बीच यह ऐप तेजी से लोकप्रिय हो गया।
9 महीनों में ₹1,800 करोड़ की वैल्यूएशन
Snabbit की ग्रोथ इतनी तेज रही कि सिर्फ 9 महीनों के भीतर कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹1,800 करोड़ (लगभग $215 मिलियन) तक पहुँच गई। यह भारत के होम-सर्विस सेक्टर में सबसे तेज़ी से बढ़ते स्टार्टअप्स में से एक बन चुका है।
बड़े निवेशकों का भरोसा
Snabbit को Lightspeed, Elevation Capital और Nexus Venture Partners जैसे दिग्गज निवेशकों से फंडिंग मिली है। निवेशकों का मानना है कि कंपनी का हाइपरलोकल और क्विक-सर्विस मॉडल आने वाले समय में शहरी भारत की बड़ी ज़रूरत बन सकता है।
मुंबई-बेंगलुरु से लाखों घरों तक
आज Snabbit मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में सक्रिय है और 3 लाख से अधिक परिवारों को अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी प्रशिक्षित और वेरिफाइड प्रोफेशनल्स के ज़रिये भरोसेमंद और तेज़ होम-सर्विस उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही है।
Urban Company को मिल रही सीधी चुनौती
होम-सर्विस सेक्टर में पहले से मौजूद कंपनियों के बीच Snabbit को Urban Company का उभरता हुआ प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। खासतौर पर इसकी “10-15 मिनट में सर्विस” रणनीति इसे दूसरों से अलग बनाती है।
भविष्य की योजना
कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में और शहरों में विस्तार करना, सर्विस कैटेगरी बढ़ाना और लाखों और घरों तक अपनी पहुँच बनाना है।
Snabbit की कहानी साबित करती है कि सही आइडिया, सही टाइमिंग और मजबूत एक्ज़ीक्यूशन के साथ भारतीय स्टार्टअप्स बहुत कम समय में बड़ी छलांग लगा सकते हैं।
