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Gold set:परंपरा और शान का स्वर्णिम संगम,सुई धागा, नथिया, टीका और पट्टा मंगलसूत्र का अनमोल संग्रह

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Gold set:परंपरा और शान का स्वर्णिम संगम,सुई धागा, नथिया, टीका और पट्टा मंगलसूत्र का अनमोल संग्रह

 

Gold set : भारतीय आभूषण केवल सजावट का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं का अद्भुत संगम हैं। इन गहनों में छिपा होता है परिवार की विरासत, रिश्तों की गर्माहट और सामाजिक पहचान का गौरव। ऐसे में अगर हम बात करें सुई धागा, नथिया, टीका और पट्टा मंगलसूत्र की, तो यह चारों गहने न सिर्फ दुल्हन की खूबसूरती को निखारते हैं, बल्कि उसके व्यक्तित्व को भी शाही अंदाज़ देते हैं।

1. सुई धागा – नाजुक सुंदरता का प्रतीक

कीमत: ₹25,100

सुई धागा ईयररिंग्स अपनी खास लंबी और पतली डिजाइन के कारण लोकप्रिय हैं। इसका नाम इसके आकार पर आधारित है, जो बिल्कुल सुई में पिरोए धागे जैसा दिखाई देता है। कानों से झूलते हुए इन सुनहरे धागों के सिरे पर बारीक नक़्क़ाशी वाले गोल लटकन इसे और भी खास बनाते हैं। इसकी खूबी यह है कि यह आधुनिक और पारंपरिक दोनों ही परिधानों के साथ खूबसूरती से मेल खाता है। शादी-ब्याह, त्यौहार या खास मौकों पर इसे पहनने से आपके लुक में एक अलग ही निखार आ जाता है।

2. नथिया – दुल्हन के श्रृंगार की शान

कीमत: ₹21,000

Gold set : नथिया भारतीय स्त्री के वैवाहिक श्रृंगार का अहम हिस्सा है। गोलाकार आकार, नाजुक कारीगरी और फूल-पत्तियों के डिज़ाइन से सजी यह नथिया चेहरे की रौनक कई गुना बढ़ा देती है। यह गहना सिर्फ सौंदर्य का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। पारंपरिक शादी में नथिया पहनना शुभ माना जाता है और यह दुल्हन के रूप में एक अलग गरिमा प्रदान करता है।

3. टीका – माथे की स्वर्णिम रौनक

कीमत: ₹16,900

Gold set : टीका, जिसे मांग टीका भी कहते हैं, माथे के बीचो-बीच सजाया जाने वाला गहना है। इसका गोलाकार लटकन और उस पर की गई बारीक नक़्क़ाशी इसे बेहद आकर्षक बनाती है। यह गहना चेहरे को केंद्रित और संतुलित लुक देता है, जिससे दुल्हन की खूबसूरती और निखर जाती है। शादी, सगाई या पारंपरिक कार्यक्रम में टीका पहनना नारीत्व और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है।

4. पट्टा मंगलसूत्र – प्रेम और बंधन का स्वर्णिम प्रतीक

कीमत: ₹1,85,300

मंगलसूत्र भारतीय विवाह का सबसे महत्वपूर्ण गहना है, जो पति-पत्नी के पवित्र बंधन का प्रतीक होता है। पट्टा मंगलसूत्र अपने चौड़े और भारी डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है। इसमें सोने की जटिल नक़्क़ाशी के साथ काले मोतियों की लड़ी का संयोजन इसे बेहद भव्य बनाता है। यह गहना न सिर्फ आभूषण के रूप में, बल्कि भावनात्मक और पारिवारिक धरोहर के रूप में भी पीढ़ियों तक संजोकर रखा जाता है।

कुल लागत और विशेषता

इन चारों गहनों की कीमत इस प्रकार है:

सुई धागा – ₹25,100

नथिया – ₹21,000

टीका – ₹16,900

पट्टा मंगलसूत्र – ₹1,85,300

कुल कीमत: ₹25,100 + ₹21,000 + ₹16,900 + ₹1,85,300 = ₹2,48,300

यानी यह पूरा संग्रह आपको करीब ढाई लाख रुपये में मिल जाएगा। यह कीमत न केवल सोने की मात्रा और डिज़ाइन की जटिलता पर आधारित है, बल्कि इसमें कारीगरों की महीनों की मेहनत और अनुभव भी शामिल है।

कारीगरी और डिज़ाइन की खासियत

इन सभी गहनों में पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक स्टाइल का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है।

बारीक नक़्क़ाशी – हर गहने पर सोने की बारीक कटिंग और डिजाइनिंग, जो हाथ से की गई है।

संतुलित वजन – पहनने में आरामदायक और दिखने में भारी।

बहुउपयोगिता – शादी, त्यौहार या पारिवारिक आयोजनों में सभी गहने उपयुक्त।

सांस्कृतिक महत्व

इन आभूषणों का महत्व सिर्फ उनकी खूबसूरती में नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी परंपराओं में भी है। नथिया और मंगलसूत्र विवाहित जीवन का प्रतीक हैं, टीका नारी के सौंदर्य और गरिमा का, जबकि सुई धागा सजावट में नफासत और आधुनिकता का मेल दिखाता है।

निष्कर्ष:

Gold set : सुई धागा, नथिया, टीका और पट्टा मंगलसूत्र का यह संग्रह भारतीय गहनों की शाही और पारंपरिक विरासत का शानदार उदाहरण है। यह सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपराओं और रिश्तों की स्वर्णिम डोर है। इनकी खूबसूरती और महत्व इन्हें एक ऐसा निवेश बनाते हैं, जिसे हर महिला अपने संग्रह में शामिल करना चाहेगी।

Manoj Shukla

Manoj Shukla

मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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