ग्राम पंचायत पिपराही के निर्माण कार्यों में मनमानी,गुणवत्ता की अनदेखी, कार्यस्थल पर नहीं है सूचना पटल
*आदिवासी आँचल बना फर्जी वाड़े का अड्डा*
*संजय सिंह मझौली*
जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपराही में मनमानी पूर्वक हो रहे निर्माण कार्य में एक तरफ जहां गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है वहीं दूसरी तरफ पारदर्शिता को भी छुपाया जा रहा है एवं किसी भी कार्य स्थल पर सूचना पटल नहीं लगे हैं जो इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक रोजगार सहायक रामजी गुप्ता अपनी राजनैतिक पहुंच और प्रभाव के कारण लंबे समय से ग्राम पंचायत का सचिवीय एवं वित्तीय प्रभार प्राप्त कर खुद सर्वे सर्वा बना है जो रोजगार गारंटी में मशीनरी से कार्य कराकर फर्जी मस्टर रोल के जरिए एक तरफ जहां लाखों की कमाई कर रहा है वहीं दुसरी तरफ ग्राम पंचायत में ग्राम विकास की राशि को भी फर्जी बिल वाउचर के जरिए ठिकाने लगाकर एक वर्ष में ही लाखों रुपए अर्जित करता है। शायद यही वजह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को नजराना या कमिशन भेंट कर मनमानी ढंग से निर्माण कार्य करा रहा है। *फर्जीवाड़ा का ताजा नमूना* उदाहरण के रूप में ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों में देखा जा सकता है जहां पिपराही मुख्य मार्ग से सुदूर सड़क हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग चार माह पहले निर्माण कराया गया है जिसमें ग्रामीणों के मुताबिक एक भी लेबर कार्य नहीं किया है पूरा कार्य जेसीबी मशीन से कराया गया है जबकि सड़क निर्माण के नाम पर लगभग 10 लाख रुपए के फर्जी मस्टर रोल भरे गए हैं। इसी तरह उक्त मार्ग में दो पुलिया निर्माण का कार्य जारी है जहां ना तो सूचना पटल लगा है और ना ही कार्य स्थल पर मस्टर रोल रखे हैं।वहीं मापदंड को दारकिनार कर मनमानी तौर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां रोजगार सहायक का निजी फर्म “गायत्री ट्रेडर्स”के नाम से दुकान का पंजीयन कराकर उसी से लाखों का फर्जी बिल भुगतान किया जता है।वहीं खुद की सेटरिंग प्लेट व मिक्सर मशीन से कार्य कराकर अधिक से अधिक बिल भुगतान किया जाता है।
वहीं पर तालाब में बेस्ट बियर निर्माण का कार्य भी हो रहा है उसमें भी सूचना पटल नहीं लगा है जिससे परदर्शिता छिपाई जाती है जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।
*इनका कहना*
ग्राम पंचायत में काम तो होते हैं लेकिन कच्चे काम जैसे सड़क निर्माण,तालाब निर्माण जेसीबी मशीन से कराए जाते हैं और पक्के काम में सचिव के खास लोग ही काम करते हैं।हम लोगों को कोई रोजगार नहीं मिलता है।
*गुलाब बैगा ग्रामीण*
यदि ग्राम पंचायत में रोजगार मिले तो हमारे पति को परदेश जाने की जरूरत क्यों पड़ती। यहां कोई रोजगार नहीं मिलता है सचिव अपने खास लोगों को रोजगार देते हैं।
*दुअसिया बैगा ग्रामीण*

