हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना पड़ी भारी,नईगढ़ी थाना प्रभारी गोविन्द प्रसाद तिवारी लाइन अटैच, एसपी ने जारी किया सख्त आदेश
माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेशों की अवहेलना करना नईगढ़ी थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। जिला पुलिस अधीक्षक मऊगंज ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और न्यायालय के निर्देशों का पालन न करने के आरोप में नईगढ़ी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोविन्द प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करते हुए रक्षित केन्द्र मऊगंज में संबद्ध कर दिया है।
इस जारी आदेश के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका डब्ल्यूपी क्रमांक 4851/2026 (रमेश कुमार तिवारी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में थाना प्रभारी नईगढ़ी को कुछ आवश्यक निर्देश दिए गए थे। बताया गया है कि न्यायालय के इन निर्देशों का पालन करने के बजाय थाना प्रभारी द्वारा लापरवाही बरती गई और आदेशों की अवहेलना की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मऊगंज ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाकर रक्षित केन्द्र मऊगंज में संबद्ध कर दिया।
मऊगंज पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करना न केवल कर्तव्य में लापरवाही है बल्कि यह प्रशासनिक अनुशासन के भी विपरीत है। इसी कारण तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच किया गया है। साथ ही उपनिरीक्षक गोविन्द प्रसाद तिवारी को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल रक्षित केन्द्र मऊगंज में अपनी आमद दर्ज कराएं।
वही पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी यह आदेश 10 मार्च 2026 को जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल देखी जा रही है और इसे अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
वही जानकारों का यह कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अनिवार्य होता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई होना स्वाभाविक है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

