हनुमान प्रकटोत्सव पर भय के साए से आस्था की ओर वापसी, वनवासी बजरंगबली मंदिर में गूंजा सुंदरकांड और भंडारे का उल्लास
सीधी जिले के आदिवासी अंचल कुसमी में इस वर्ष हनुमान जयंती, जिसे हनुमान प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है, खास मायने लेकर आई। तहसील मुख्यालय के पास स्थित वनवासी बजरंगबली मंदिर में श्रद्धा, आस्था और साहस का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां सुंदरकांड पाठ के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
यह वही मंदिर है जहां कुछ समय पहले पुजारी की हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय और सन्नाटा पसरा हुआ था। लेकिन इस बार हनुमान प्रकटोत्सव ने उस डर को तोड़ते हुए लोगों में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया। लंबे समय बाद मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि आस्था के आगे भय टिक नहीं सकता।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम, जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह, एसडीएम शैलेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार नारायण सिंह, जनपद सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा, थाना प्रभारी अरूणा द्विवेदी, बीआरसी अंगिरा द्विवेदी और समिति प्रबंधक संतोष त्रिपाठी सहित तहसील के कई अधिकारी-कर्मचारी, वकील और सैकड़ों ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
सुबह से ही मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। सुंदरकांड पाठ के दौरान पूरा वातावरण भक्ति में डूबा नजर आया। इसके बाद आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भय के माहौल से बाहर निकलने और एकजुटता का प्रतीक भी है। हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर लोगों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और खुशहाली की कामना की।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि कठिन परिस्थितियों के बाद भी समाज एकजुट होकर फिर से खड़ा हो सकता है।

