shahdol मे दो पन्ने की फोटोकॉपी के लिए लगते है 4000 रुपए
अब दो पन्ने की फोटो कॉपी पर 4 हजार का बिल
shahdol: जी हां खबर की हेडिंग पढ़ के बिल्कुल चौंकिएगा नही, क्योंकि ये शहडोल हैं यहां पर महंगाई पूरे देश में सबसे ज्यादा है और M.P के शहडोल जिले में अफसर शाही इतनी वे लगाम है कि अब शहडोल सरकारी खजाने में कैसे सेंध लगाना है इसका ट्रेनिंग सेंटर बनते जा रहा है और जिले में हो रहे भ्रष्टाचार की नई-नई परतें हर दिन सामने आ रही हैं। प्रशासन के सामने आए मामलों को देखकर लगता है कि यहां जिम्मेदारों के लिए सरकारी राशि सिर्फ हेराफेरी और ऐशो आराम का जरिया बनकर रह गई है। जी हां इसी शहडोल में कुछ दिन पहले जहां 4 लीटर पेंट से पुताई के नाम पर 168 मजदूर और 68 राज मिस्त्री लगाकर एक लाख सात हजार का बिल पास कराया गया, फिर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक घंटे की चौपाल में 14 किलो ड्राई फ्रूट, 6 लीटर दूध और 5 किलो चीनी का बिल बनाकर सरकारी खजाने पर डाका डाला गया, अब इसी सिलसिले में एक और चौंकाने वाला कारनामा जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत कुदरी से सामने आया है। जहां दो पन्ने की फोटो कापी का कीमत 4000 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। दो पन्ने की फोटो कापी के बिल का भुगतान 4 हजार होने के बाद ये बिल चर्चाओं में आने के साथ साथ सोशल मीडिया में तेजी से वायरल भी हो रहा है।
shahdol जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत कुदरी में सचिव और सरपंच की मिलीभगत से एक ऐसा बिल पास किया गया है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए, बिल के अनुसार केवल दो पन्नों की फोटो कॉपी कराने के लिए 2000 रुपए प्रति की दर से 4000 रुपए का भुगतान दिखाया गया है। यह बिल राज फोटो कॉपी सेंटर एवं डिजिटल स्टूडियो के फर्म के नाम से बनाया गया है, इसके साथ ही और भी सामग्री का जिक्र किया गया है , हैरत की बात तो यह कि दो पन्ने की फोटो कापी के बिल का भुगतान 4 हजार के लिए सरपंच सचिव ने अपनी मोहर लगाकर इस बिल को पास करा भुगतान भी करा दिया, दो पन्ने की फोटो कापी के बिल का भुगतान 4 हजार होने के बाद ये बिल चर्चाओं में आने के साथ साथ सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
जहां आमतौर पर फोटो कॉपी 1 या 2 रुपये में हो जाती है, वहीं इस कागजी खेल में हजारों रुपये का खर्च दिखाया गया हैं। यह मामला पंचायत व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर करता है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब shahdol की पंचायतों ने सरकारी योजनाओं और राशि का दुरुपयोग किया गया हो, आए दिन सामने आने वाले ऐसे कारनामे यह साबित करते हैं कि विकास कार्यों के नाम पर आई राशि का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा, जिम्मेदार लोग कागजों पर ऐसे बिल बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने में लगे हुए हैं।
M.P शहडोल जिले में बार-बार सामने आ रहे ऐसे भ्रष्टाचार के मामले प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। विकास कार्यों की राशि यदि इसी तरह कागजों पर हेराफेरी में उड़ती रही, तो आमजन तक योजनाओं का लाभ कभी नहीं पहुंच पाएगा, अब देखना यह है कि प्रशासन इस नए फोटो कॉपी घोटाले पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और क्या जिम्मेदारों को सजा मिल पाती है या मामला पहले की तरह दबा दिया जाएगा।
इस पूरे मामले में विभाग के जिम्मेदार तो कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे है पर कलेक्टर शहडोल केदार सिंह ने बताया कि क्वांटिटी दो हजार है और दर दो रुपए कहीं न कहीं ये राइटिंग मिस्टेक है।
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