लाडली बहना योजना का लेखा-जोखा
प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना, 1.25 करोड़ महिलाओं को हर माह मिल रही आर्थिक सहायता…
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के रूप में स्थापित हो चुकी है। योजना के तहत राज्य की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।
अब इस योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। तब से लेकर अब तक सरकार द्वारा महिलाओं के खातों में 52 हजार 305 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
वही राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना को प्राथमिकता देते हुए 23 हजार 882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भी यह योजना बड़े पैमाने पर जारी रहेगी।
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल
मध्यप्रदेश में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित लाडली लक्ष्मी योजना भी लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब तक 52.56 लाख बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इस सरकार ने इस योजना के लिए 1 हजार 801 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इसके तहत बालिकाओं को अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
योजनाओं से बढ़ रहा महिला सशक्तिकरण
वही राज्य सरकार का मानना है कि लाडली बहना योजना और लाडली लक्ष्मी योजना जैसी पहलें महिलाओं और बेटियों के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ-साथ परिवार और समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है।
मुख्य तथ्य (फैक्ट फाइल)
इस योजना की शुरुआत : जून 2023
कुल लाभार्थी महिलाएं : 1.25 करोड़ से अधिक
मासिक सहायता राशि : 1500 रुपये
ट्रांसफर राशि : 52,305 करोड़ रुपये
2026-27 बजट प्रावधान : 23,882 करोड़ रुपये
लाडली लक्ष्मी योजना
कुल पंजीकृत बालिकाएं : 52.56 लाख
बजट प्रावधान : 1,801 करोड़ रुपये

