जब बुजुर्ग बने बदलाव की आवाज़,मझौली थाने से उठी नशा मुक्ति की मजबूत पहल
एमपी के सीधी जिले के मझौली थाना परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक प्रभावशाली जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया। इस पहल की खास बात यह रही कि इसमें 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
जहा कार्यक्रम में थाना प्रभारी मझौली विशाल शर्मा की मौजूदगी रही, वहीं वृद्धा आश्रम ताला के सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया गया। गुरुवार को वृद्धा आश्रम ताला में इसकी शुरुआत हुई, जबकि शुक्रवार को मझौली थाने में इसका विस्तार किया गया।
जहा बुजुर्गों ने थाना परिसर और आसपास के इलाकों में जाकर लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। उनकी सादगी और सशक्त संदेश ने लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
इस वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिवामणि तिवारी ने बताया कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में तहसील, थाना, एसडीएम कार्यालय, चौराहों और अस्पतालों में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सके।
वहीं अब थाना प्रभारी विशाल शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस तरह के प्रयासों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग करेगा।

