जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते BMO डॉ. बिकट सिंह, सेवा, समर्पण और बदलाव की नई पहचान
सीधी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में इन दिनों यदि किसी नाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, तो वह है डॉ. बिकट सिंह। एक सख्त प्रशासक, संवेदनशील डॉक्टर और कर्मठ नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली है। उनके कार्यकाल ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व ईमानदार और सक्रिय हो, तो सरकारी व्यवस्थाओं में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।
डॉ. बिकट सिंह ने जब से खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) का पदभार संभाला है, तब से उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया है। उनका साफ मानना है कि “सरकारी नौकरी केवल वेतन लेने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने का अवसर है।” यही सोच उनके काम में साफ दिखाई देती है।
उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं। अस्पतालों की स्थिति, दवाइयों की उपलब्धता, मरीजों की समस्याएं—हर छोटी-बड़ी बात पर उनकी नजर रहती है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी अब अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करते नजर आ रहे हैं।
डॉ. बिकट सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाब देही दोनों बढ़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सख्ती का असर यह है कि अब अस्पतालों में अनुशासन और सेवा का स्तर पहले से बेहतर हुआ है।
सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी डॉ. बिकट सिंह की भूमिका सराहनीय रही है। वे मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और तुरंत समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं। कई बार वे खुद मरीजों से बातचीत कर उनकी स्थिति को समझते हैं, जिससे लोगों में विश्वास बढ़ा है कि अब उनकी बात सुनी जा रही है।
उनकी पहल पर टीकाकरण अभियान, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे कई महत्वपूर्ण योजनाओं को नई गति मिली है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बीच भी उनका नेतृत्व प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। वे टीम वर्क में विश्वास रखते हैं और हर कर्मचारी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि विभाग में समन्वय बेहतर हुआ है और कार्यक्षमता में वृद्धि देखने को मिल रही है।
आज जब आम जनता सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर कई बार निराश होती है, ऐसे में डॉ. विकेट सिंह जैसे अधिकारी उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरे हैं। उनका कार्य केवल एक पद की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक सच्ची सेवा का उदाहरण है।

