50 हजार से 1000 करोड़ तक का सफर: नौकरी से रिजेक्शन झेलने वाला युवक बना 4000 लोगों का रोजगारदाता, नीरज तिवारी की HHCIL IPO की तैयारी में
कहते हैं असफलताएं अगर हौसला न तोड़ें, तो वही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बन जाती हैं। इस कहावत को सच कर दिखाया है हाईटेक ह्यूमन कैपिटल (इंडिया) लिमिटेड – HHCIL के संस्थापक नीरज तिवारी ने। नौकरी के लिए बार-बार रिजेक्शन झेलने के बाद नीरज तिवारी ने साल 2012 में महज 50 हजार रुपये की पूंजी और 10 कर्मचारियों के साथ अपनी कंपनी की नींव रखी थी। आज वही कंपनी करीब 1000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व के साथ देश की अग्रणी सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार है।
HHCIL वर्तमान में भारत के 12 राज्यों में अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी सिक्योरिटी सर्विसेज, हाउसकीपिंग, मैनपावर सप्लाई, फैसिलिटी मैनेजमेंट और कॉरपोरेट सपोर्ट जैसी सेवाओं में विशेषज्ञता रखती है। खास बात यह है कि कंपनी ने अब तक 4000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे यह सिर्फ एक व्यावसायिक संस्थान नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाला संगठन भी बन गया है।
नीरज तिवारी का मानना है कि सही रणनीति, ईमानदारी और कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता ही उनकी सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने शुरुआत से ही स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देकर उन्हें प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, जिससे कंपनी की जड़ें मजबूत होती चली गईं। उनकी इसी उद्यमशील सोच के चलते उन्हें वर्ष 2017 में ‘यंग अचीवर्स ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।
अब HHCIL विकास के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। कंपनी वित्त वर्ष 2027-28 तक अपना IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी में है। इसके जरिए कंपनी न केवल पूंजी विस्तार करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करने का लक्ष्य रखती है।
नीरज तिवारी की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलताओं से डरकर रुक जाते हैं। एक छोटे से निवेश से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों परिवारों की रोजी-रोटी बन चुका है और आने वाले वर्षों में यह सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
