होली के उत्सव के बीच प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ गया।
4 मार्च को 108 एंबुलेंस सेवा के डेटा के अनुसार एक ही दिन में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
सबसे अधिक 67 हादसे सागर जिले में हुए।
राजधानी भोपाल 39 मामलों के साथ आठवें स्थान पर रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसों के प्रमुख कारण हैं।
सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक घायल इलाज के लिए पहुंचे।
प्रदेश में दर्ज 948 सड़क हादसों में सागर जिला 67 मामलों के साथ पहले स्थान पर रहा।
इसके बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में भी स्थिति गंभीर रही। रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे दर्ज हुए।
राजधानी भोपाल में 39 दुर्घटनाएं सामने आईं, जिससे वह सूची में आठवें स्थान पर रहा।
छिंदवाड़ा (30), धार (28), सिंगरौली (27), खरगोन और बालाघाट (25-25) में भी उल्लेखनीय संख्या में सड़क हादसे हुए।वहीं शाजापुर में 2 और दतिया में हादसा दर्ज किया गया।

