मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने उर्वरक वितरण के नियमों में अस्थायी ढील देते हुए हाइब्रिड मोड लागू कर दिया है। अब किसान ई-टोकन की तकनीकी समस्याओं के कारण खाद से वंचित नहीं रहेंगे। किसान अपने आधार कार्ड और जमीन के खसरा/खतौनी की प्रति दिखाकर सीधे अधिकृत उर्वरक केंद्रों से यूरिया और डीएपी प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और खेती के कार्यों में देरी रोकने के लिए शुरू की गई है। इससे वितरण प्रक्रिया तेज होगी और केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों में भी कमी आने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर अधिकृत केंद्रों से ही उर्वरक प्राप्त करें तथा किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

