कुसमी के लाल ने बढ़ाया जिले का मान, MPPSC परीक्षा में हासिल की 65वीं रैंक।
कुसमी/सीधी। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक (भूगोल) परीक्षा-2024 में सीधी जिले के आदिवासी अंचल कुसमी विकासखंड के ग्राम आमगांव (पोस्ट पोड़ी) निवासी डॉ. बृजलाल पनिका ने प्रथम प्रयास में ही प्रदेश स्तर पर 65वीं रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इस उपलब्धि के साथ वे कुसमी विकासखंड से चयनित होने वाले पहले सहायक प्राध्यापक बने हैं। वहीं पनिका जनजाति से सीधी जिले के प्रथम सहायक प्राध्यापक बनने का गौरव भी उन्होंने प्राप्त किया है।
डॉ. बृजलाल पनिका के पिता हीरालाल पनिका एवं माता पार्वती पनिका किसान परिवार से हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़ी, विकासखंड कुसमी से प्राप्त की। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में शिक्षा ग्रहण करते हुए उन्होंने कठिन परिश्रम, लगन एवं आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्रम में डॉ. पनिका ने बी.ए., एम.ए. (भूगोल), एम.ए. (हिंदी साहित्य), एल.एल.बी., एम.फिल. तथा पीएच.डी. की उपाधियां प्राप्त की हैं। साथ ही उन्होंने यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। उन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा शासकीय नेहरू पी.जी. महाविद्यालय शहडोल से प्राप्त की, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से एल.एल.बी., एम.फिल. एवं पीएच.डी. की उपाधियां अर्जित कीं।
वर्तमान में डॉ. पनिका पिछले चार वर्षों से मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र से वे आते हैं, वहां आज भी शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कम है तथा विद्यार्थियों को संसाधनों और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्र से निकलकर यह सफलता प्राप्त करना उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश है।
डॉ. पनिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई तथा गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. पनिका की सफलता यह सिद्ध करती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि आदिवासी अंचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

