लड़की के मोबाइल से मैसेज करके जंगल बुलाया, पहुंचे तो पेट्रोल डालकर जला दिया था
सिवनी के 11 साल पुराने तिहरे हत्याकांड में उम्रकैद..
सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी में कुरई थाना अंतर्गत धोबीटोला माल (पीपरवानी) जंगल में 11 साल पहले 8 जनवरी 2015 की रात बोलेरो वाहन सहित इसमें सवार तीन व्यक्तियों को जिंदा जलाने के हृदयविदारक व सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के चार दोषियों को सिवनी जिला न्यायालय ने उम्रकैद व अर्थदंड से दंडित किया है। दोषियों में सगे भाइयों के अलावा अन्य दो शामिल हैं।
जिला न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा ने 27 फरवरी को निर्णय देकर प्रेम प्रसंग के चलते हुई आनर किलिंग (झूठी शान) से जुड़े हत्या मामले के दोषियों को सजा सुनाई हैं।अभियाेजन में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने प्रकरण में साक्ष्य व गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
बेरहमी से पीटा फिर मिट्टी का तेल-पेट्रोल डालकर वाहन समेत जिंदा जला दिया
अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने 3 मार्च को न्यायालय से पारित निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि 8 जनवरी 2015 की रात जिले के कुरई थाना अंतर्गत सिवनी-बालाघाट की सीमा पर धोबीटोला माल के पास जंगल के रैयाबाई नदी घाट में वीभत्स घटना घटित हुई थी।
एक बोलेरो वाहन (एमपी 10-सीए 9999) में सवार तीन युवक मृतक राजेश नागोत्रा (28) बोरीखेड़ा थाना तिरोड़ी, दीपक भंवरे (23) दिग्धा तथा निहाल सिंगाेर (18) कुड़वा गांव निवासी को दोषियों ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर मिट्टी का तेल तथा पेट्रोल डालकर वाहन समेत जिंदा आग के हवाले कर दिया था। 9 जनवरी की सुबह लोगों ने जंगल में जले हुए बोलेरो वाहन में मृतकों के शव देखकर पुलिस को घटना की सूचना दी थी।
इस पर कुरई पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज मामले को जांच में लिया था। सुनवाई के बाद 75 पेज के निर्णय में न्यायालय ने सभी आरोपितों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 34 (हत्या), 435 (आग द्वारा क्षति) व 201 (साक्ष्य मिटाना) का दोषी पाया।
आरोपित चंद्रभोज उर्फ चंदू पुत्र प्रितमलाल शिव (42) धोबीटोला थाना कुरई, दीनदयाल पुत्र ब्रजलाल ब्रम्हे (40), शिवम पुत्र दयालदास ब्रम्हे (28) तथा विनोद पुत्र दयालदास ब्रम्हे (35) तीनों निवासी रामजीटोला चकाहेटी तिरोड़ी बालाघाट निवासी का दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने सभी आरोपितों को आजीवन कारावास तथा 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।
युवती के मोबाइल से मैसेज कर बुलाया था
अभियोजन के अनुसार प्रेम प्रसंग व पारिवारिक रंजिश के चलते पूरी घटना को अंजाम दिया गया।
मृतक दीपक भंवरे का एक युवती से प्रेम संबंध था।
इससे नाराज होकर आरोपितों ने इस जघन्य कांड को अंजाम दिया। घटना के पूर्व भी दीपक को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
युवती के मोबाइल से मैसेज कर मृतकों को मौके पर बुलाकर पहले से तैयार आरोपितों ने जघन्य हत्याकांड कारित किया।
मामले में न्यायालय ने परिस्थिति जन्य साक्ष्यों पर विचार, वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल डेटा व जप्त हथियारों (जैसे तलवार व लाठियां) के आधार पर आरोपितों को दोषी पाया है।
दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

