महाकाल मंदिर के पास मुस्लिम बाहुल्य बेगमबाग क्षेत्र में फिर गरजा बुलडोजर,
16 अवैध बिल्डिंग को किया जा रहा है जमीदोज,
आधा दर्जन पोकलेन व बुलडोजर के द्वारा की जा रही है कार्यवाही
लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से स्टे समाप्त होने के बाद शुरू हुई कार्रवाई,
महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार नीलकण्ठ द्वार के पास से शुरू की गई कार्यवाही,
उज्जैन विकास प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों पर धर्म विशेष के लोगों ने व्यवसायिक तौर पर किया था अवैध अतिक्रमण,
उज्जैन विकास प्राधिकरण CEO, 50 पुलिस अधिकारी व जवान , 50 नगरनिगम कर्मी व प्रशासन का अमला तैनात,
उज्जैन विकास प्राधिकरण के 45 आवासीय भूखंडों के नियम विरुद्ध 90 हिस्से कर व्यावसायिक निर्माण किए गए थे,
पूर्व में 42 बिल्डिंग तोड़ी गई,
अब इस जगह पर ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है,
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 16 अवैध बिल्डिंगों पर मोहन यादव सरकार की एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर है। महाकाल मन्दिर के नीलकंठ द्वार के पास कार्यवाही की जा रही है। यह प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है । जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां धर्म विशेष के लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया। लीज समाप्ति के बाद लीज का नवीनीकरण नहीं हो सका । जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की जा रही है।
आज सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नही मिला । दरअसल यहां पिछले एक वर्ष के भीतर इसी प्रकार 42 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्यवाही शांतिपूर्ण चल रही है। यहां 50 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए है। जिनमे सीएसपी, टीआई व जवान मौजूद है। वहीं करीब 100 की संख्या में प्रशासन का भी अमला भी मौजूद है। जिसमे विकास प्राधिकरण CEO, नगर निगम की टीम, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी , निगमकर्मी शामिल है।
जिस जगह कार्यवाही चल रही है यह महाकाल मंदिर के पास है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए यह रास्ता वाहनों के लिए पूरी तरह बन्द कर दिया गया है। केवल श्राद्धलु पैदल जा रहे है।
दरअसल पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई । जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी । जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा ।न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई । यहां पूर्व में भी चार चरणों मे करीब एक वर्ष के भीतर 42 बिल्डिंगों को हटाया गया था।
खास बात तो यह है कि जिन पर कार्यवाही हो रही है ऐसे 45 भूखंड है जिन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट थी।भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 99 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 90 में से 58 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है शेष 32 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।
आज जिन 16 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था । इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिको से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
आज जिन 16 बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उन पर जिन लोगो का कब्जा था उनकी विस्तृत जानकारी यह है
भूखंड क्रमांक 66
होटल डायमंड
जीकुन बी एवं अन्य
भूखंड क्रमांक 66 ए के 3 भाग
खतीजा बी
मोहम्मद सलीम
नजमा बी
भूखंड क्रमांक 67 ए
हिना खान
भूखंड क्रमांक 68 ए
मोहम्मद सलीम पिता लियाकत हुसैन
भूखंड क्रमांक 69 ए
शाहनवाज खान
भूखंड क्रमांक 68 बी
अब्दुल हमीद
भूखंड क्रमांक 69 बी
वारिस बेग
भूखंड क्रमांक 231 ए
न्यू सावन पैलेस होटल राज गेस्ट हाउस
होटल नसीब
जामा ए शकीब एजुकेशनल सोसाइटी
डॉक्टर महबूब खान
भूखंड क्रमांक 71
सरताज खान
भूखंड क्रमांक 72
जान मोहम्मद
भूखंड क्रमांक 73
मोहम्मद अनीस
भूखंड क्रमांक 74
ताहिर अली मोहम्मद यूनुस
उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है । भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
वहीं मामले में आईपीएस राहुल देशमुख का कहना है कि यहां पर 50 से अधिक पुलिस जवान व अधिकारी तैनात किए गए है। सीसीटीवी व ड्रोन से नजर रखी जा रही है। यह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है इसलिए श्रद्धालुओ को कोई असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

