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माँ भी नहीं बचा पाई अपने बच्चे को,छोटे टाइगर की हुई मौत

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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मां भी नहीं बचा पाई, अपने मासूम शावक को

नर बाघ ने किया एक शावक का शिकार

सीधी

संजय टाइगर रिजर्व से एक बहुत ही बुरी खबर कल सुबह आई यहां एक नर बाघ ने उस शावक का शिकार कर उसे खा गया जिसकी मां बीते महीनों से अपने तीन शावकों के साथ यहां वहां जंगल में पनाह लेती फिर रही थी।

मां की मासूम ममता ने तो अपने शावकों को बचाने का बहुत प्रयास किया परंतु अंतत: अपने इस मासूम शावक को उस नर बाघ के जानलेवा हमले का शिकार होने से उसे नहीं बचा सकी जिसके ही डर से वो अपने बच्चों को लेकर यहां वहां जान बचाती फिर रही थी।

दबदबा कायम रखना का प्रयास

संजय टाइगर रिजर्व में अपना साम्राज्य कायम कर चुके टाइगर रिजर्व के सबसे प्रमुख बने बाघ टी- 67 द्वारा लगातार इस टेरिटरी में अपना कब्जा जमाने को लेकर अन्य नर बाघों से संघर्ष करना, यहां वहां हमले करने जैसी दबदबा काम करने वाली हरकतें सारी रखी गई हैं।

पर्यटकों ने देखा शावक को खाते हुए

इस टाइगर टी- 67 द्वारा फिर टाइगर रिजर्व के लिए एक अपूरणीय क्षति को अंजाम दिया गया है, कल गुरुवार को सुबह की सफारी में बाघिन टी- 40 के एक शावक को मारकर बैठकर खाते हुए पर्यटकों द्वारा देखा गया जिस पर पर्यटकों में हड़कंप मच गया और तत्काल इसकी सूचना संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी गई।

पहले भी खा चुका है शावक

यहां आपको बताते चलें कि यह नर बाघ टी- 67 संजय टाइगर रिजर्व में अपने साम्राज्य को कायम रखने के लिए भावी युवा बाघों को शावक के दौर में ही मार डालता है और उन्हें कई बार अपना निवाला भी बना लेता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस टी- 67 बाघ ने पहले भी संजय टाइगर रिजर्व डेवा के जंगल में दो बाघ शावक को मार चुका है।

मां की ममता और सुरक्षा भी नहीं बचा पाई शावक को

विगत तीन माह से बाघिन टी- 40 अपने बच्चों को छुपाते हुए जंगल के किनारे के क्षेत्र में रह रही थी, ये बाघिन बघेला हेरिटेज होटल के कैंपस में भी 15 दिन तक रुकी रही किंतु विभाग ने आमजन की सुरक्षा के मध्देनजर अंतत: हाथियों की मदद से बाघिन को जंगल की ओर खदेड़ दिया और आज वही बाघिन मां अपने शावक बच्चे को खोकर किस हाल में होगी ये केवल महसूस किया जा सकता है।

एआई पर आधारित फोटो

यहां एक गंभीर सवाल ये भी है कि अभी तो एक शावक के मारे जाने की खबर है आगे उसके और बचे दो शावक अब न बाघ टी-67 के निशाने पर हैं। क्योंकि बच्चे पहले प्रमुख बाघ टी- 26 के सावक हैं इसीलिए ये बाघ टी- 67 बाघिन टी-40 के बच्चों को लगातार मार रहा है। ये वही बाघ टी-67 है जो 31 दिसंबर 25 को बाघ टी -56 से भिड़ा था जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

अपने आक्रामक मूड के लिए विख्यात हो चुके बाघ टी- 67 को लेकर संजय टाइगर रिजर्व अब क्या एहतियात बरतता है ये यहां गंभीर विषय है, जो देखने के लायक रहेगा।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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