मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ने दिलाई सफलता : टॉपर एनिका
आईएएस बनकर देश सेवा करने का लक्ष्य
सीधी
सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत की जाए। जब लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास अटूट हो और मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तब सफलता स्वयं आपके कदम चूमती है।
इसका जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है जिले के गणेश स्कूल, पड़रा-सीधी की मेधावी छात्रा एनिका गुप्ता ने, जिन्होंने सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा सत्र 2025-26 में 95.8 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल करते हुए विद्यालय एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
कल गुरुवार को जिला कलेक्टर विकास मिश्रा ने अनिका को अपने चेंबर में बुलाकर सम्मानित करते हुए कुछ पल के लिए उन्हें अपनी कुर्सी पर भी बिठाया तथा तस्वीर खिंचवाई, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा बुधवार को घोषित कक्षा 12वीं परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए एनिका गुप्ता आज जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं। अपनी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई इबारत लिखने वाली एनिका की उपलब्धि से विद्यालय परिसर, परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं नगरवासियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
विशेष बातचीत में सीधी शहर के संजीवनी पालिका बाजार स्थित मयूर होटल के संचालक संतोष गुप्ता की बेटी एनिका गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों एवं नियमित अध्ययन को देते हुए कहा कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि यह निरंतर प्रयास, समय के सदुपयोग और आत्मविश्वास की लंबी साधना का फल होती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के प्रति गंभीरता, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें हमेशा अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
एनिका ने बताया कि रिजल्ट घोषित होने के बाद जिला टॉपर बनने की खबर उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा क्षण था। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता, शिक्षकों और पूरे विद्यालय परिवार के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद का सामूहिक परिणाम है। उन्होंने अपने शिक्षकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने और हर परिस्थिति में प्रोत्साहित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कैसे की तैयारी
अपनी अध्ययन दिनचर्या के बारे में बताते हुए एनिका ने कहा कि वो सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 5 से 6 घंटे नियमित अध्ययन करती थीं, जबकि परीक्षा के दौरान उन्होंने अपने अध्ययन का समय और बढ़ा दिया था। उन्होंने केवल रटने की बजाय विषयों को गहराई से समझने, नियमित रिवीजन करने तथा एनसीईआरटी पुस्तकों एवं पुराने प्रश्न पत्रों के अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना है कि निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान कई बार मानसिक दबाव की स्थिति भी बनी, लेकिन परिवार और शिक्षकों का प्रोत्साहन उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग कर उन्होंने अपना अधिकतम समय पढ़ाई और आत्मविकास में लगाया। एनिका का मानना है कि आज के समय में विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए समय का सही उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।
एनिका ने बताया कि उनके पिता संतोष गुप्ता स्थानीय मयूर होटल के संचालक हैं, जबकि उनकी माता रंजना गुप्ता वर्ग-2 में अंग्रेजी विषय की शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने हमेशा उन्हें बेहतर शिक्षा, सकारात्मक वातावरण और सही मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं उनके नाना राम सुशील एवं नानी मालती गुप्ता का स्नेह, आशीर्वाद और प्रेरणा भी उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत रही।
अपने भविष्य के लक्ष्य के बारे में बताते हुए एनिका ने कहा कि वह आगे चलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होकर देश सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और देश के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की भावना ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और वह अपने सपने को साकार करने के लिए अभी से पूरी लगन एवं गंभीरता के साथ तैयारी कर रही हैं। अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए एनिका ने कहा, नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
यदि पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ प्रयास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। एनिका की यह शानदार उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

