संजय गांधी महाविद्यालय के नए भवन निर्माण में श्रम कानूनों की अनदेखी! मजदूरों की सुरक्षा व हक को लेकर NSUI ने श्रम विभाग को सौंपा ज्ञापन
एमपी के सीधी जिले के संजय गांधी महाविद्यालय में बन रहे नए भवन के निर्माण कार्य में श्रम कानूनों की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एनएसयूआई के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने गुरुवार को श्रम विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे विक्रांत सिंह परिहार ने असिस्टेंट लेबर ऑफिसर आकांक्षा पाठक को आवेदन पत्र सौंपते हुए बताया कि निर्माण स्थल पर कार्य कर रहे मजदूरों के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को काम के दौरान किसी भी प्रकार के सेफ्टी इक्विपमेंट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। न तो उन्हें हेलमेट दिए जाते हैं और न ही सुरक्षा जूते, जिससे मजदूरों के साथ हादसे होने का खतरा लगातार बना रहता है।
जहा उन्होंने बताया कि कई बार मजदूर चोटिल भी हो चुके हैं। कई मामलों में मजदूरों के पैरों में चोट लगी है तो वहीं कुछ को सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वही विक्रांत सिंह परिहार ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों से लगभग 13 घंटे तक लगातार काम कराया जाता है, जो कि श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है। इतना ही नहीं, मजदूरों को समय पर वेतन भी नहीं दिया जाता और भुगतान भी नकद किया जाता है, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जहा निर्माण स्थल पर मजदूरों के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है और न ही उनके रहने की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस संबंध में मजदूरों और स्थानीय लोगों द्वारा प्रबंधन से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब इस पूरे मामले में असिस्टेंट लेबर ऑफिसर आकांक्षा पाठक ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जाएगी और यदि श्रम कानूनों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

