मध्य प्रदेश

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की बाघिन कजरी के तीन शावक हुए अनाथ, एंक्लोजर कर किया कैद

ग्रामीणों की शिकायत पर किया था कैद

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की बाघिन कजरी के तीन शावक हुए अनाथ, एंक्लोजर कर किया कैद।

बाघों के लिए हमेशा से ही उमरिया जिला प्रसिद्ध रहा है जहां बाघ यहां अपना कल्चरल जीवन जी रहे हैं। जो कि गांव की तरफ रुख कर रहे हैं और गांव में पहुंचकर वह लोगों पर हमले भी कर रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया था जहां कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी की कजरी बाघिन के द्वारा ग्रामीणों पर हमला किया जा रहा है। जिस पर प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे कैद कर लिया है।

दरअसल आपको बता दे की उमरिया जिले के लिए बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की मशहूर बाघिन कजरी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा इंक्लोजर में कैद कर लिया गया है। जहा अब मशहूर बाघिन को टाइगर रिजर्व प्रबंधन आदमखोर बता रहा है। तो वही ग्रामीणों के दबाव में टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कजरी का रेस्क्यू भी कर लिया गया है। जहा बाघिन कजरी के रेस्क्यू हो जाने के बाद कजरी के तीन शावको अनाथ हो गए हैं और अब बाघ प्रेमियों को कजरी और उसके तीन शावको की चिंता भी सता रही है।

जहा बांधवगढ़ की मशहूर बाघिन कजरी पर्यटकों की पसंदीदा बाघिन है। और इस बाघिन को देखने के लिए पर्यटक लगातार जंगल में घंटो सैर करते थे। जहा एक दीदार के लिए जंगल में वे भटकते रहते थे। पर मंगलवार को बंद होगा टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कजरी का रेस्क्यू कर पर्यटकों को और बाघ प्रेमियों को अब मायूस कर दिया गया है।

कजरी बाघिन के तीन शावक हुए अनाथ

आपको बतादे की टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने जल्दबाजी और गोपनीय तरीके से बीते मंगलवार को कजरी को रेस्क्यू कर लिया है बाड़े में कैद भी कर दिया गया है। वही अब जिसके बाद बाघिन कजरी के तीन शावक अनाथ हो गए। साथ ही अब जंगल में अकेले ही उन्हें जीवन जीना पड़ेगा। तो वही जिसमें उनको कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और जंगल के कानून की जानकारी न होने के बाद भी अपना जीवन जीना पड़ेगा।

आपको बतादे की बाघिन कजरी की उम्र लगभग 6 वर्ष है। और उसके शावकों की उम्र 2 वर्ष से कम है। लेकिन टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने शावकों की उम्र को ध्यान न देते हुए मां का रेस्क्यू कर बाड़े में कैद कर दिया है।

ताला जोन की मशहूर बाघिन है कजरी

वही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र की बाघिन कजरी टाइगर रिजर्व के मुख्य जोन ताला की मशहूर बाघिन है। जो अब लगातार ताला जोन के साथ ही साथ मानपुर बफर परिक्षेत्र के जंगलों में भी दिखाई देती थी। जहा बाघिन कजरी देश और विदेश के पर्यटकों की पसंदीदा बाघिन मे से एक थी। जो अब रेस्क्यू के बाद ताला जोन में नहीं दिखाई देगी।

ग्रामीणों के दबाव में आया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन

वही मिली जानकारी के अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र में लगातार बाघ और वन्य प्राणियों की हलचल बनी रहती है। वही जहां पर जंगल गए ग्रामीण और वन्य प्राणियों के बीच संघर्ष की खबरें आती है। साथ ही बाघिन कजरी को भी ग्रामीणों के दबाव में आदमखोर बताकर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने उसे रेस्क्यू कर लिया है।

शावको का जीवन संकट में आया

आपको बतादे की बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अधिकारी बाघिन कजरी के शावको के निगरानी की बात तो कर रहा है। पर जंगल में और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगातार बाघों की संख्या और वयस्क बाघो के बीच शावको का जीवन संकट में अब छाया हुआ है। जहा बाघिन कजरी के साथ शावक लगातार उन्हें दिखाई देते रहते थे। जहा बाघिन कजरी उन्हें अभी जंगल के कानून और शिकार करना भी उन्हें सीखा रही थी। लेकिन बाघिन कजरी के रेस्क्यू के बाद तीनों शावको का जीवन संकट में आ गया है। बाघिन कजरी के तीन शावक है। दो नर और एक मादा शावक है।

पर्यटक और बाघ प्रेमियों में छाई है मायूसी

वही आपको बतादे की उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कजरी के रेस्क्यू की खबर के बाद पर्यटक और बाघ प्रेमियों में मायूसी छा गई। जहा लगातार सोशल मीडिया में पर्यटक और बाघिन कजरी के फैन कजरी की फोटो के साथ कमेंट कर रहे हैं। तो वही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के निर्णय को गलत बता रहे हैं। जहा उसे वापस छोड़ने की बात कर रहे हैं बाघ प्रेमी चेतन गाढ़पुरे ने बताया कि प्रबंधन का निर्णय गलत है।

वही बाघिन कजरी बांधवगढ टाइगर रिजर्व की मशहूर और पसंदीदा बाघिन है। जहा सभी पर्यटक उसे देखने आते हैं। बाघिन के रेस्क्यू के बाद शावको का भी जीवन खतरे में आ गया है। तो वही रिटायर्ड आईएफएस आर एस सिकरवार ने यह बताया है कि विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वाइल्डलाइफ प्रशिक्षित अधिकारी नहीं है। यह दुर्भाग्य है।और शावक मां के साथ ढाई से 3 साल तक रहते हैं।

प्रेस नोट में गलत जानकारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र से बाघिन कजरी का रेस्क्यू किया गया। और अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि भी की। लेकिन पूरे मामले में विरोध शुरू होने के बाद बांधवगढ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी किया और उसमें बाघिन की जगह बाघ बता दिया। जिसको लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।

बांधवगढ टाइगर रिजर्व के अधिकारी का कहना

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पीके वर्मा ने बताया कि बाघिन कजरी को मानपुर के हरदिया से रेस्क्यू किया गया है। और उसके शावकों की निगरानी की जा रही है।

Desk

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