Mpnews:तीन महीने से भालू का आतंक, धनौली के ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर,वन विभाग से त्वरित रेस्क्यू की मांग
Mpnews:सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम धनौली में इन दिनों भालू की दहशत से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गांव से सटी डेंगरही पहाड़ी में बीते तीन महीनों से एक भालू ने डेरा डाल रखा है, जो लगभग हर रात बस्ती की ओर पहुंच जाता है। भालू की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीण भय और अनिश्चितता के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि भालू के गांव में आने के बाद से रात के समय घर से बाहर निकलना बेहद खतरनाक हो गया है। हालांकि, ग्रामीणों के लिए बाहर निकलना मजबूरी भी है। मवेशियों की देखरेख, फसलों की रखवाली और नित्य क्रियाओं के लिए उन्हें रात में बाहर जाना ही पड़ता है। ऐसे में हर कदम पर जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा भयभीत हैं, और रात होते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है।
ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की जानकारी वन विभाग को कई बार दी है, लेकिन अब तक न तो भालू को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया है और न ही ग्रामीणों को कोई ठोस राहत मिल पाई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
Mpnews:स्थानीय निवासी संतोष साकेत सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि “हम लोग पिछले तीन महीनों से दहशत के साए में जी रहे हैं। हमारे मोहल्ले के ठीक बगल में डेंगरही पहाड़ी है, जहां भालू डेरा डाले हुए है। वन विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द भालू को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि गांव में फिर से सामान्य जीवन लौट सके।”
इस मामले पर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी मझौली अजय प्रजापति ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि भालू के रेस्क्यू के लिए संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी, क्योंकि रेस्क्यू से जुड़े संसाधन उनके पास उपलब्ध हैं। साथ ही ग्रामीणों की समस्या को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाकर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि सोमवार को भी भालू की दहशत बनी रही। रविवार की सुबह से ही भालू की गतिविधियों से लोग परेशान रहे, जिसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गई है। अब ग्रामीणों को प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि इस भयावह स्थिति से उन्हें राहत मिल सके।
