Mpnews:मृत शख्स जिंदा हाजिर, सालों से खुद को जीवित साबित करने की जद्दोजहद, पत्नी उठा रही विधवा पेंशन
Mpnews:मध्य प्रदेश के सिंगरौली से सिस्टम की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक अधेड़ व्यक्ति अपने जिंदा होने का सबूत दे रहा है. जबकि पिछले 10 वर्ष से ज्यादा समय से इस युवक को सरकारी कागजों में मृत बताकर मृत्यु प्रमाण पत्र घोषित कर दिया गया है. अब यह व्यक्ति आवेदन लेकर सरकारी अधिकारियों के कार्यालय जाकर खुद को जिंदा साबित करने में जुटा है. वह कह रहा है साहब अभी मैं जिंदा हूं.
पति को मृत बता पत्नी लेती रही पेंशन
यही नहीं कागजों में मृत और हकीकत में जिंदा इस व्यक्ति के मृत्यु प्रमाण पत्र के बाद इनकी पत्नी कई वर्षों से वृद्धा पेंशन तक उठा रही है. इसके साथ-साथ उसका आरोप है कि, पंचायत के पदाधिकारियों ने करोड़ों की राशि का गबन भी मिलीभगत से किया है, फिलहाल व्यक्ति ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पूरा मामला सिंगरौली जिले के माडा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित जीर गांव का है. यहां के रहने वाले चन्द्रबली पटेल बुधवार को एक आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे. आवेदन में लिखा था “हम जिंदा हैं साहब”, यह देखकर सबको हैरानी होती है. फिर उन्होंने जो बताया वह सच में चौंकाने और सिस्टम की लापरवाही को उजागर करने वाला था.
खुद को जिंदा साबित करने ठोकरे खा रहा शख्श
Mpnews:पीड़ित युवक चन्द्रबली पटेल के मुताबिक, उसे 2014 से सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है. अब वह अपने जिंदा होने का सबूत लेकर दर-दर सरकारी कार्यालय में भटक रहा है. उसका आरोप है कि, ”पंचायत के प्रतिनिधियों एवं उसकी पत्नी ने मिलकर उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया और उसके नाम से वृद्धा पेंशन ली जा रही है.” उसने आरोप लगाया कि, ”पदाधिकारियों ने पंचायत के करोड़ों रुपयों का गबन किया गया है.” अब पीड़ित ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए, राशि की रिकवरी हो और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
सरकारी सिस्टम की लापरवाही
Mpnews:इस मामले से एक बात साबित हो गई है कि सरकारी सिस्टम में कितनी लापरवाही की जाती है. पिछले 10 वर्षों से ज्यादा समय से एक शख्स को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया, उसके नाम पर वृद्धा पेंशन ली जा रही है. वह खुद के जिंदा होने का सबूत दे रहा है, लेकिन इतने सालों में भी किसी ने इस और ध्यान नहीं दिया. इस पूरे मामले में सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने जांच के उपरांत कड़ी कार्यवाही की बात की है.
