Mpnews:भारतीय सेना के जवान की पत्नी, अतिथि शिक्षक और कॉलेज व्यवस्था’ — सिंगरौली में छात्रा-अतिथि शिक्षक कंट्रोवर्सी से मचा सियासी-शैक्षणिक बवाल
Mpnews:सिंगरौली जिले के पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, बैढ़न में सामने आया एक विवाद अब सिर्फ एक छात्रा और अतिथि शिक्षक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें भारतीय सेना, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता भी केंद्र में आ गई है। एक शादीशुदा छात्रा, जिनके पति भारतीय सेना में कार्यरत हैं, ने जियोलॉजी विभाग के एक अतिथि शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे कॉलेज परिसर से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल मची हुई है।
पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब छात्रा का जियोलॉजी विषय का एक पेपर छूट गया। नियमों के मुताबिक, ऐसे में छात्रा को एक वर्ष का इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर छात्रा ने संबंधित अतिथि शिक्षक से संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान शिक्षक ने शैक्षणिक मदद की आड़ में छात्रा पर दबाव बनाया और बातचीत का स्वर अकादमिक दायरे से बाहर चला गया। छात्रा ने कथित रूप से इस पूरी बातचीत को असहज बताते हुए तत्काल अपने पति को जानकारी दी।
Mpnews:भारतीय सेना में पदस्थ पति ने इसे केवल व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि छात्रा की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि उनके पास डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जो पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करते हैं। इसके बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई का न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। सेना से जुड़े परिवार के होने के कारण मामला और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है।
दूसरी तरफ, विवादों में घिरे अतिथि शिक्षक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि छात्रा और उसके पति द्वारा बातचीत को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और यह पूरा विवाद दबाव बनाने की कोशिश है। शिक्षक का दावा है कि उन्होंने किसी भी प्रकार का अनुचित या आपत्तिजनक व्यवहार नहीं किया और शैक्षणिक संवाद को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
कॉलेज प्रबंधन फिलहाल औपचारिक प्रक्रिया का हवाला देकर खुद को जांच से दूर रखे हुए नजर आ रहा है। कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि संस्थान को अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और लिखित आवेदन मिलने पर ही नियमानुसार आंतरिक जांच शुरू की जाएगी। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि जब मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच चुका है, तब क्या कॉलेज स्तर पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए।
यह पूरा प्रकरण अब छात्रा बनाम अतिथि शिक्षक की कंट्रोवर्सी से आगे बढ़कर उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन गया है। खासतौर पर तब, जब इसमें भारतीय सेना से जुड़े परिवार का नाम सामने आ रहा हो। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और कॉलेज प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि न्याय कागजों में सिमटेगा या जमीन पर नजर
