---Advertisement---

रीवा के सर्राफा बाजार में छाई पारंपरिक Jhumka की नई रेंज, महिलाओं में दिखा जबरदस्त क्रेज

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

Published on:

---Advertisement---

रीवा के सर्राफा बाजार में छाई पारंपरिक Jhumka की नई रेंज, महिलाओं में दिखा जबरदस्त क्रेज

रीवा। दीपावली के पहले रीवा के सर्राफा बाजार में इस बार पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के शानदार झुमके महिलाओं का दिल जीत रहे हैं। खासकर 2 और 3 मंजिला डिजाइन वाले झुमके (Jhumka) बाजार में नई पहचान बना रहे हैं। सुनहरी चमक और नक्काशीदार डिजाइन से सजे ये झुमके हर उम्र की महिलाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

स्थानीय ज्वेलर्स के अनुसार, इस सीजन में ग्राहक पारंपरिक झुमकों की ओर तेजी से लौट रहे हैं। जहां पहले हल्के वजन की ईयररिंग्स ज्यादा बिकती थीं, वहीं अब महिलाएं शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए बड़े और भारी झुमकों को प्राथमिकता दे रही हैं। रीवा के पद्मधर पार्क और जवाहर रोड स्थित कई सर्राफा दुकानों पर इन दिनों ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है।

इन झुमकों की खासियत यह है कि इनमें पारंपरिक बारीक कारीगरी के साथ-साथ आधुनिक फिनिश भी दी गई है। डिजाइन में घंटी आकार, मीनाकारी और झूलते हुए मोती या चेन की परतें शामिल हैं, जो इन्हें “2 मंजिला” और “3 मंजिला” झुमका लुक प्रदान करती हैं। कुछ डिजाइनों में रंगीन स्टोन और बारीक फिलिग्री वर्क भी किया गया है, जिससे ये और भी आकर्षक लगते हैं।

रीवा के ज्वेलर्स का कहना है कि इन Jhumka की मांग न सिर्फ शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी काफी बढ़ गई है। महिलाएं इनका उपयोग त्योहारों, शादी समारोहों और पारंपरिक परिधानों के साथ करना पसंद कर रही हैं। कई दुकानदारों ने बताया कि इन झुमकों की बिक्री पिछले साल की तुलना में लगभग 40% तक बढ़ी है।

कुल मिलाकर, रीवा का सर्राफा बाजार इस बार सुनहरी झिलमिलाहट से जगमगा उठा है। पारंपरिक सौंदर्य और आधुनिकता का यह मेल न सिर्फ फैशन प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि रीवा की सांस्कृतिक पहचान को भी एक नया रूप दे रहा है।

Manoj Shukla

Manoj Shukla

मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

---Advertisement---
यह भी पढ़ें झुग्गी से निकली बेटी बनी IAS,15 फ्रैक्चर, गरीबी और तानों को हराकर उम्मुल खेर ने लिखी संघर्ष की मिसाल
झुग्गी से निकली बेटी बनी IAS,15 फ्रैक्चर, गरीबी और तानों को हराकर उम्मुल खेर ने लिखी संघर्ष की मिसाल

झुग्गी से निकली बेटी बनी IAS,15 फ्रैक्चर, गरीबी और तानों को हराकर उम्मुल खेर...

Share & Earn