“संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: SDM के निर्देश पर रात में बच्ची के घर पहुंची टीम, मिला स्कूल बैग और पढ़ाई का पूरा सामान”
कुसमी स्थित सीएम राइज संदीपनी विद्यालय की कक्षा 5वीं की दिव्यांग छात्रा द्वारा कबाड़ में स्कूल बैग तलाशने का मामला सामने आते ही प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की। कुसमी SDM विकास कुमार आनंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लिया और उसी दिन शनिवार की रात आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
SDM के निर्देश पर शिक्षा और महिला-बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम छात्रा के घर कैलाश नगर, भगवार पहुंची। टीम में बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी, सीडीपीओ माया गिरी, सेक्टर पर्यवेक्षक मान कुमारी पनाडिया, ग्राम सचिव भगवार रामभद्र शुक्ला एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कलावती विश्वकर्मा शामिल रहीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं छात्रा को स्कूल बैग, पानी की बोतल, किताबें और कॉपी-पेन सहित पठन-पाठन की आवश्यक सामग्री प्रदान की।
इस दौरान टीम ने छात्रा के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से संवाद कर उन्हें समझाइश दी कि बच्ची को प्रतिदिन नियमित रूप से स्कूल भेजें और उसकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आने दें। महिला अधिकारियों ने परिवार को शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि बच्ची की पढ़ाई में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
एसडीएम विकास कुमार आनंद ने कहा कि किसी भी बच्चे को, विशेषकर दिव्यांग बालिकाओं को, शिक्षा के लिए मूलभूत संसाधनों के अभाव में परेशानी उठानी पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन बच्चों की शिक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले छात्रा के पास स्कूल बैग, कॉपी और पेन नहीं होने के कारण वह कबाड़ बेचकर सामान खरीदने की मंशा से कबाड़ बिन तक पहुंच गई थी। यह दृश्य सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल राहत पहुंचाई गई।
