“पेपर लीक कांड पर NSUI का बड़ा हमला: FIR नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन, 200 से ज्यादा छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को घेरा”
शासकीय स्वशासी संजय गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सामने आए पेपर लीक प्रकरण को लेकर शनिवार को एनएसयूआई ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर पहुंचकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर एफआईआर तथा कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 3 जून 2026 को आयोजित बीए एवं बीकॉम तृतीय वर्ष की English Language and Communication Skills विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। छात्रों का कहना है कि यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर हमला है।ज्ञापन में परीक्षा नियंत्रक एवं परीक्षा समिति को जांच पूर्ण होने तक निलंबित करने, वर्तमान परीक्षा समिति को भंग कर नई समिति गठित करने, प्रश्नपत्र निर्माण एवं वितरण प्रक्रिया की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
एनएसयूआई प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने कहा कि स्वशासी प्रकोष्ठ की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री “Commerce Horizon” नामक यूट्यूब चैनल पर पहले से उपलब्ध थी। ऐसे में प्रश्नपत्र तैयार करने वाले और इस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाए।
विक्रांत परिहार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो एनएसयूआई व्यापक छात्र आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान लगभग 200 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए कॉलेज परिसर में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। छात्रों ने परीक्षा समिति को भंग करने, जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई।
वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रभाकर सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल निरस्त कर दिया गया था। मामले की सूचना वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी गई है और जांच प्रक्रिया जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक प्रकरण अब केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

