पनवार चौहान टोला ग्राम पंचायत में अव्यवस्थाओं का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार।
सरपंच की भूमिका पर सवाल, योजनाओं में भेदभाव और अवैध प्लाटिंग के आरोप; आदिवासी परिवारों में भय का माहौल।
सीधी जिले की पनवार चौहान टोला ग्राम पंचायत इन दिनों गंभीर आरोपों और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की व्यवस्था पूरी तरह से “हैक” हो चुकी है, जहां वास्तविक सरपंच के बजाय कोई अन्य व्यक्ति संचालन कर रहा है। इससे शासन की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित रह गया है, जबकि वास्तविक हितग्राही उपेक्षित और परेशान हैं। आरोप यह भी है कि पूर्व सरपंच वीरेन्द्र सिंह चौहान, जिनके कार्यकाल में पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला था, वर्तमान में भी अप्रत्यक्ष रूप से पंचायत संचालन में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
विवाद का एक बड़ा कारण पंचायत क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्य हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों का निर्माण जनसुविधा के बजाय कुछ कथित भू-माफियाओं के हित में किया जा रहा है। आरोप है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही है और उसी के अनुरूप सड़कें बनाई जा रही हैं, जिससे इन अवैध कॉलोनियों को लाभ मिल सके।
इसके अलावा पंचायत की बागवानी में उगाई गई सब्जियों की बिक्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा उगाई गई सब्जियों को कौन बेच रहा है और उससे प्राप्त राशि कहां जा रही है, इसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है। इससे पंचायत में पारदर्शिता की कमी उजागर होती है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि सड़कों का निर्माण बेहद घटिया स्तर का किया जा रहा है, जिसकी टिकाऊ क्षमता पर संदेह है। वहीं, भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव से आदिवासी परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले उनका अधिकार था, वहां अब अवैध प्लाटिंग कर कब्जा किया जा रहा है।
इन सभी मुद्दों को लेकर ग्रामीणों ने जिला सीईओ और कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा।

