चेक बाउंस मामले में rajpal yadav को राहत नहीं, आज ही सरेंडर करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में बॉलीवुड अभिनेता rajpal yadav को बुधवार को ही सरेंडर करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने राजपाल यादव को निर्देश दिया कि उन्हें आज ही सरेंडर करना होगा. कोर्ट ने कहा कि सरेंडर करने का आदेश तब दिया गया था, जब राजपाल यादव ने कोर्ट को दिए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया. ऐसे में अब सरेंडर करने के लिए समय नहीं बढ़ाया जा सकता है. दरअसल, कोर्ट ने राजपाल यादव को बुधवार तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद राजपाल यादव ने सरेंडर करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी.
rajpal yadav को कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी. हालांकि जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा को निलंबित कर दिया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि राजपाल यादव आदतन अपराधी नहीं हैं इसलिए उनकी सजा निलंबित की जाती है. दरअसल, कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस केस में दोषी करार देने के बाद राजपाल यादव पर 1 करोड़ 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की पत्नी राधा पर भी 10 लाख रुपये प्रति केस जुर्माना लगाया था. दोनों को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में यह सजा सुनाई गई थी.
दिया था 5 करोड़ का लोन
शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट को बताया था कि राजपाल ने अप्रैल 2010 में फिल्म अता पता लापता पूरी करने के लिए कंपनी से मदद मांगी थी. 30 मई, 2010 में दोनों के बीच करार हुआ और उन्होंने राजपाल यादव की कंपनी को 5 करोड़ का लोन दे दिया. करार के मुताबिक राजपाल को ब्याज सहित आठ करोड़ रुपए लौटाने थे. लेकिन वह पहली बार ये रकम नहीं लौटा सके.
बचाव में कही थी ये बात
उसके बाद दोनों के बीच तीन बार करार का रिन्यूअल हुआ और 9 अगस्त, 2012 को वह अंतिम करार में आरोपी राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता को 11 करोड़ 10,60,350 रुपए लौटाने की सहमति भी दी थी. राजपाल यादव की कंपनी यह पैसा भी देने में नाकाम रही. अपने बचाव में राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से कोई उधार नहीं लिया था. उनके मुताबिक, मुरली प्रोजेक्ट की कंपनी में पैसा निवेश किया गया था, लेकिन कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी दलील को अस्वीकार करते हुए उन्हें चेक बाउंस का दोषी पाया था.
