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रामपुर नैकिन में तीन सरकारी कार्यालयों पर ‘ताले का राज’! 11:30 बजे निरीक्षण में खुली बड़ी लापरवाही, दस में एक कर्मचारी मौजूद

अमित श्रीवास्तव

By अमित श्रीवास्तव

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रामपुर नैकिन में तीन सरकारी कार्यालयों पर ‘ताले का राज’! 11:30 बजे निरीक्षण में खुली बड़ी लापरवाही, दस में एक कर्मचारी मौजूद, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जांच के आदेश

एमपी के सीधी जिले के रामपुर नैकिन जनपद क्षेत्र में सरकारी कामकाज की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जनपद शिक्षा केंद्र, परियोजना कार्यालय और बीईओ कार्यालय मे इन तीनों प्रमुख दफ्तरों में अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। जहा सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे किए गए निरीक्षण में अधिकांश कार्यालयों पर ताले लटके मिले या फिर नाममात्र की उपस्थिति दिखाई दी।

वही जनपद शिक्षा केंद्र रामपुर नैकिन में कुल 10 कर्मचारी पदस्थ बताए गए हैं, लेकिन मौके पर केवल एक कर्मचारी दीपेंद्र शुक्ला (MIS कोऑर्डिनेटर) उपस्थित मिले। बीआरसी श्री प्रकाश जायसवाल सहित बीएसी—दिलीप सिंह, राजकुमार वर्मा, कमलाकर सिंह, शिवदयाल शर्मा, संदीप नामदेव और बृजेश त्रिपाठी—अनुपस्थित पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि चौकीदार बेबी सिंह और जय सिंह भी ड्यूटी पर नहीं थे, जिससे कार्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

वही परियोजना कार्यालय रामपुर नैकिन का हाल भी कुछ अलग नहीं दिखा। यहां परियोजना अधिकारी शिवानंद शुक्ला सहित कई कर्मचारी पदस्थ हैं, परंतु निरीक्षण के समय केवल कंप्यूटर ऑपरेटर प्रतिभा सिंह मौजूद थीं। बताया गया कि वे भी सुबह लगभग 11:00 बजे कार्यालय पहुंचीं, जबकि अन्य कर्मचारी नदारद रहे।

जहा बीईओ कार्यालय में कुल छह लोगों की पदस्थापना है। ग्रामीण प्रतिभा पनिका ने आरोप लगाया कि बीईओ अवध शरण “फील्ड का बहाना” बनाकर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। निरीक्षण के दौरान अन्य पांच कर्मचारी उपस्थित मिले, लेकिन प्रमुख अधिकारी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल बने रहे।

वही मामले की जानकारी मिलने पर चुरहट एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी-कर्मचारी इस प्रकार की हरकतें करते हैं तो यह “काफी शर्मनाक” है। एसडीएम ने जांच के आदेश देते हुए आश्वासन दिया कि जांच उपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार लगातार ताले और खाली कुर्सियों की तस्वीरें सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

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