रेलवे ठेकेदार पर अवैध खनन के आरोप,बिना अनुमति सैकड़ों हाइवा मुरुम निकासी, ग्रामीणों में आक्रोश
अमित श्रीवास्तव
एमपी के सीधी जिले मे अवैध उतखनन की शिकायते लगातार आ रही थी। जहा मंगलवार की सुबह क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। ग्राम पटेहरा, गोपालपुर सहित आसपास के कई इलाकों में मुरुम का खनन कथित रूप से बिना टीपी (ट्रांजिट पास) और बिना वैधानिक अनुमति के किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रेलवे कार्य से जुड़े ठेकेदार ने लागत बचाने के उद्देश्य से नियमों को दरकिनार करते हुए बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई करवाई, जबकि तहसीलदार से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई।
वही स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, खनन कार्य में भारी मशीनरी का उपयोग किया गया और सैकड़ों हाइवा के माध्यम से मुरुम की निकासी की गई। लगातार आवागमन से ग्रामीण अंचलों की सड़कें बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। कई मार्गों पर गड्ढे उभर आए हैं, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धूल और प्रदूषण के कारण ग्रामीणों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
वही ग्रामीण राधेश्याम लोनिया ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि खनन के चलते वातावरण में धूल का स्तर बढ़ गया है, जिससे सांस लेना तक दूभर हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खनन के दौरान हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। विशेष रूप से बड़े आम के पेड़ों को जेसीबी मशीनों से तोड़े जाने की बात सामने आई है, जिससे पर्यावरणीय क्षति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। नायब तहसीलदार महेन्द्र द्विवेदी ने पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन की शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वही इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और वे त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों पर किस प्रकार की कार्रवाई होती है।

