सतना जिला अस्पताल ने रचा मानवता का उदाहरण, HIV पॉजिटिव मरीज की सफल सर्जरी
सतना जिला अस्पताल ने चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदना का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। सडक़ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल और एचआईवी HIV पाए गए एक 40 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम देकर यह साबित कर दिया कि इलाज में बीमारी नहीं, इंसान सबसे पहले होता है।करीब 20 दिन पूर्व एक सडक़ हादसे में घायल युवक का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। परिजन उसे सतना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे और ब्लड जांच के दौरान युवक के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन युवक के माता-पिता और पत्नी की भी जांच कराई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। हालांकि एचआईवी की पुष्टि होते ही युवक के इलाज में मुश्किलें बढ़ गईं।
रीवा मेडिकल काॅलेज ने ठुकराया तो छोडक़र चला गया था परिवार
मरीज के HIV संक्रमित होने के खुलासे के बाद परिवार के लोग भी उसे अकेला छोडक़र चले गए। इलाज की तलाश में युवक रीवा मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां भी एचआईवी का हवाला देकर सर्जरी से इनकार कर दिया गया।
निराश और टूट चुका युवक दोबारा सतना जिला अस्पताल लौटा, जहां उसने अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद दुबे को अपनी पूरी व्यथा बताई। मामले की गंभीरता को समझते हुए डॉ. दुबे ने तुरंत विशेष मेडिकल टीम गठित की।
टीम में डॉ. अतीक खान और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. शुभी शामिल रहीं। युवक पेशे से वाहन चालक है और उसकी रोजी-रोटी इसी पर निर्भर थी, ऐसे में सर्जरी उसके जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुई सर्जरी
बुधवार को ट्रॉमा सेंटर के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सर्जरी की गई।
डॉक्टरों और स्टाफ ने पीपीई किट पहनकर करीब ढाई घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। युवक के पैर के पंजे और घुटने का ऑपरेशन किया गया।
सर्जरी से पहले उसे एआरटी सेंटर में रजिस्टर्ड कर एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी भी शुरू कराई गई थी। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और फिलहाल युवक खतरे से बाहर है।
उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह डिसइन्फेक्ट कर 24 घंटे के लिए सील किया गया, वहीं सभी उपकरणों को ऑटोक्लेव प्रक्रिया से सेनेटाइज किया गया।
मानवता से ऊपर कुछ नहीं है। एचआईवी पॉजिटिव मरीज की सर्जरी पूरी सावधानी के साथ की गई है और मरीज सुरक्षित है।”
डॉक्टर शरद दुबे, आरएमओ
