सीधी में ‘जीरो टॉलरेंस’ की पोल? हनुमानगढ़ में अवैध उत्खनन पर सियासी घमासान
सीधी जिले के हनुमानगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर प्रशासन और सियासत आमने-सामने आ गए हैं। प्रतिबंधित सोन घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्र में कथित तौर पर जारी बालू उत्खनन ने शासन के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला कांग्रेस कमेटी की कार्यवाहक अध्यक्ष शशिकला द्विवेदी ने खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में दिनदहाड़े अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। उनके अनुसार, “खनिज विभाग और पुलिस की मिलीभगत से माफिया बेखौफ हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो कानून और पर्यावरण दोनों खतरे में पड़ जाते हैं।”
बताया जा रहा है कि हाल ही में जिला प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की घोषणा की थी। इसके बावजूद हनुमानगढ़ क्षेत्र में हालात विपरीत नजर आ रहे हैं। आरोप है कि निचले स्तर पर अमला कार्रवाई करने के बजाय माफियाओं को खुली छूट दे रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने भी मामले को और तूल दे दिया है। वीडियो में कथित रूप से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए प्रतिबंधित क्षेत्र से बालू का परिवहन होता दिख रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्य बिंदु:
प्रतिबंधित अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध उत्खनन जारी होने के आरोप
शिकायत के बावजूद विभागीय टीम के मौके पर न पहुंचने की बात
स्थानीय नेताओं पर संरक्षण देने के आरोप
वायरल वीडियो से प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जमीन पर भी नजर आएगी या नहीं।

