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सीधी न किसी पार्टी वाले की न ही प्रशासन की बपौती है-उमेश तिवारी

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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सीधी न किसी पार्टी वाले की न ही प्रशासन की बपौती है-उमेश तिवारी

 *इंद्रजीत कुमार जी की प्रतिमा स्थापना पर अड़ंगा नीच  सोच!* 

*संजय सिंह मझौली*

टोंको रोंको ठोंको क्रन्तिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी नें अपने वक्तब्य में कहा है की प्रतिमा स्थापना किसी महान विभूति के योगदान को सम्मान देने का माध्यम है। प्रतिमा स्थापना प्रेरणादाई ब्यक्तित्व की स्मृति संजोने और प्रेरणा का बेहतरीन साधन है। स्व. इंद्रजीत कुमार जी एक खेतिहर मजदूर की परवरिस से निकली हुई प्रतिभा है उनका पुरुषार्थ अनगिनत शोषित, बंचित और हासिये में खड़े उपेक्षितों के लिए डूबते को तिनके का सहारा रहा है। उनके सादगी, सरलता और समदर्शी स्वभाव का प्रशंसक हर कोई रहा है। उनकी सिद्धांत एवं समर्पण की प्रतिबद्धता उन्हें अनोखा बनाती है। इंद्रजीत कुमार जी अपनी पार्टी के कार्यकर्त्ताओं के प्रेरणा श्रोत रहे ही है हम जैसे कइयों के जो समता, समानता और भाईचारे पर विश्वास करते है उनके लिए भी प्रेरक रहे है। उनकी याद को बनाये रखने के लिए सीधी शहर में उनकी प्रतिमा स्थापना जरुरी नहीं अनिवार्य है उनकी प्रतिमा प्रेरणा का श्रोत बनेगी।

*हमको आपत्ति भी है*

“दिन के उजेरे में न करो कोई ऐसा काम,

नींद जो न आए तुम्हें रात के अंधेरे में।

और रात के अंधेरे में न करो कोई ऐसा काम,

मुँह जो तुम छिपाते फिरो दिन के उजेरे में!”

कवि का यह दोहा हमें सदाचार, ईमानदारी और एक बेदाग जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

किसी पार्टी का दबदबा बनाए रखने के लिए इंद्रजीत कुमार जी के योगदान को भुलाने का प्रयास किया जाना उचित नहीं है न ही सही परम्परा है। सत्य हमेशा उचित समय पर सूर्य की भांति दैदीव्यमान होकर बाहर आता है। इंद्रजीत कुमार जी की प्रतिमा अनावरण के लिए कांग्रेसियों ने जैसा तरीका अपनाया उसमें हमें घोर आपत्ति है, अरे तुम रंगे शियारों से डर गए कांग्रेस पार्टी तो आजादी के आंदोलन से निकली पार्टी है जिसका इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन में कुर्बानी का है वह स्वतंत्रता आंदोलन में गद्दारी करने वालों से कैसे डर गई?

भाई सीना खोल के प्रतिमा स्थपना ढ़ोल-ढमाके से करते रंगा-रंग आयोजन करते साज सजावट से करते, रैली आयोजित करते, उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करते, उनके गुणों, कर्मठता की बात करते यह क्या रात के अँधेरे में किए! किससे डर गए? कैसे उत्तराधिकारी हो कब समझोगे की इंद्रजीत कुमार का पुरुषर्थ इन रंगे सियारों की खोल उतारने काफी है!

रामभजन बैगा और बांकेलाल बैगा की लगे प्रतिमा

गोवा मुक्ति संग्राम, जो गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराने के लिये किया गया था। जब भारत के बड़े क्षेत्र पर अंग्रेज शासन कर रहे थे तब गोवा, दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था। गोवा मुक्ति संघर्ष में सीधी जिले से तीन बहादुरों नें हिस्सा लिया था चंद्रप्रताप तिवारी, रामभजन बैगा और बांकेलाल बैगा (बंका बैगा)। सीधी मुख्यालय में चंद्रप्रताप तिवारी जी की प्रतिमा लगाने की औचारिकता की गई है गरिमा पूर्ण स्थाल प्रतिमा के लिए चयनित नहीं किया गया है। लेकिन रामभजन बैगा जी एवं बांकेलाल बैगा जी की प्रतिमा सीधी मुख्यालय में न लगाकर इतिहास मिटाने का षड्यंत्र हुआ है। ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे जिनकी सोच देश तोड़ने और समाज बाँटने की रही है उनकी प्रतिमा स्थापना की गईं है पर जीवन को दांव पर लगाने वालों की उपेक्षा हुई है!

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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