“जनपद अध्यक्ष पर कदाचार का आरोप,सीईओ के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में जिले के सभी जनपद सीईओ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन”
एमपी के सीधी जिले में जनपद पंचायत रामपुर नैकिन की सामान्य सभा की बैठक के बाद उपजे विवाद ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) ने कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी के समक्ष सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपते हुए जनपद पंचायत रामपुर नैकिन की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला साकेत के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों का आरोप है कि 27 फरवरी 2026 को आयोजित सामान्य सभा की बैठक समाप्त होने के बाद अध्यक्ष द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव तिवारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
वही इस ज्ञापन में बताया गया है कि बैठक की कार्यवाही समाप्त होने के बाद जब सभी अधिकारी और कर्मचारी सभाकक्ष से बाहर निकल रहे थे, तभी जनपद अध्यक्ष उर्मिला साकेत ने अचानक सीईओ राजीव तिवारी के ऊपर भाजपा का पट्टा/गमछा डाल दिया। आरोप है कि इस पूरी घटना को पहले से तैयार मोबाइल कैमरों से रिकॉर्ड कराया गया और बाद में वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा विभिन्न राजनीतिक मंचों पर प्रसारित किया गया, जिससे संबंधित अधिकारी की छवि धूमिल हो रही है।
जहा प्रार्थी अधिकारियों का कहना है कि यह कृत्य जनप्रतिनिधि के पदीय दायित्वों के अनुरूप नहीं है और इससे शासकीय अधिकारी पर अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद वे सभी मानसिक रूप से आहत और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीधी जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के सीईओ ने सामूहिक रूप से कलेक्टर से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत रामपुर नैकिन की अध्यक्ष उर्मिला साकेत के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की सुसंगत धाराओं के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
वही इस मामले के सामने आने के बाद जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि इस पूरे प्रकरण में आगे क्या कदम उठाया जाता है।

