सीएम राइज (संदीपनी विद्यालय) निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल, उखड़ता प्लास्टर खोल रहा पोल…
सीधी/सिहावल | राजबहोर केवट | न्यूज़ E7 लाइव
सिहावल क्षेत्र में निर्माणाधीन सीएम राइज (संदीपनी विद्यालय) के भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। भवन के पिलरों और दीवारों पर जगह-जगह प्लास्टर उखड़ने की तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन कई स्थानों पर प्लास्टर टूटकर निकलने लगा है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में एक पिलर का हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है, जहां से प्लास्टर उखड़ने के कारण अंदर की सामग्री स्पष्ट नजर आ रही है। इससे निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री और गुणवत्ता मानकों पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब निर्माण कार्य के दौरान ही इस प्रकार की स्थिति सामने आ रही है, तो भविष्य में भवन की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नागरिकों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्षेत्र में चर्चा है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक भवन में यदि निर्धारित निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा भविष्य में विद्यार्थियों और शासन दोनों को भुगतना पड़ सकता है।
मौके पर निरीक्षण के दौरान विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। वहीं निर्माण कार्य की निगरानी से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सामने आई तस्वीरों के आधार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर क्या कार्रवाई करता है।
नोट : यह समाचार मौके पर उपलब्ध परिस्थितियों, सामने आई तस्वीरों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

