Sidhi news:“कबाड़ में स्कूल बैग तलाशती दिखी सीएम राइज की दिव्यांग छात्रा, SDM ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश”
Sidhi news:कुसमी स्थित सीएम राइज संदीपनी विद्यालय से एक बेहद मार्मिक और व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा, जो दोनों पैरों से दिव्यांग है, स्कूल बैग न होने के कारण कबाड़ के ढेर में बैठकर बैग और कॉपी ढूंढती नजर आई। जिस स्थान पर वह बच्ची बैठी थी, वहीं उसके पास रखा बैग देखा गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किताबें ले जाने के लिए आवश्यक संसाधनों के अभाव में उसे कबाड़ जैसे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
बताया गया कि छात्रा के पास न तो स्कूल बैग है और न ही कॉपी-पेन। बैग और कॉपी खरीदने के लिए कबाड़ बेचने की मंशा से वह कबाड़ बिन तक पहुंची थी। यह दृश्य न केवल संवेदनशील है, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर करता है।
Sidhi news:इस संबंध में सीएम राइज संदीपनी विद्यालय कुसमी के प्राचार्य राजेश पांडेय ने बताया कि पिछले दो वर्षों से बच्चों को शासन की ओर से ड्रेस उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी माह में आदेश आया है कि फीडिंग चल रही है और बच्चों के खातों में 600 रुपये की राशि भेजी जाएगी। यह राशि केवल ड्रेस के लिए है। शासन की ओर से कॉपी, पेन और बैग की अलग से कोई राशि प्रदान नहीं की जाती।
मामला सामने आने के बाद कुसमी एसडीएम विकास कुमार आनंद ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने परियोजना अधिकारी माया गिरी, कुसमी को पूरे मामले की जांच करने तथा संबंधित छात्रा के घर जाकर उसके माता-पिता को समझाइश देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
गौरतलब है कि शासन द्वारा बच्चों को पढ़ाई के लिए पुस्तकें, पहनने के लिए ड्रेस और भोजन की सुविधा दी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर बैग, कॉपी और पेन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रही है। कुसमी की सीएम राइज संदीपनी विद्यालय की यह बालिका नेपाली बंसल इसका जीवंत उदाहरण है, जिसे अपने स्कूल बैग के लिए कबाड़ जैसी जगह में जाना पड़ा।
