Sidhi news:पिता की मौत के बाद अंधे भाई-बहन का सहारा बना प्रशासन की चौखट, अंतिम संस्कार के लिए कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार
Sidhi news:जिले के ग्राम हटवा खास से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां पिता की मृत्यु के बाद दो जन्म से अंधे भाई-बहन आर्थिक तंगी के चलते अपने ही पिता के अंतिम संस्कार और पारंपरिक कर्मकांड कराने में असमर्थ हैं। मजबूर होकर उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
ग्राम हटवा खास निवासी राजेश बंसल के पिता स्वर्गीय पंचम बंसल की 15 जनवरी को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पंचम बंसल परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन के बाद पूरा परिवार गहरे संकट में आ गया है। राजेश बंसल की उम्र महज 24 वर्ष है और उनकी बहन राधिका बंसल उम्र 19 वर्ष है। दोनों भाई-बहन जन्म से ही दृष्टिहीन हैं और आजीविका का कोई स्थायी साधन उनके पास नहीं है।
पिता की मृत्यु के बाद होने वाले दस गात्र संस्कार, एकादशी संस्कार और तेरहवीं जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के लिए परिवार के पास एक रुपया तक नहीं बचा है। इसी मजबूरी में राजेश बंसल ने सीधी कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी को पत्र सौंपकर आर्थिक सहायता की मांग की है।
कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया है कि यदि परिवार शासन की किसी योजना के तहत पात्र पाया जाता है और अब तक उसे लाभ नहीं मिला है, तो पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
Sidhi news:वहीं राजेश बंसल ने प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि पिता की मौत के बाद पूरा परिवार टूट चुका है। उन्होंने कहा, “मेरे पिताजी की मौत हो गई है, लेकिन मुझे उनका दस गात्र संस्कार, एकादशी और तेरहवीं करनी है। हमारे पास न तो पैसे हैं और न ही कोई सहारा। अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है।”
यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक संवेदनशीलता की परीक्षा है, बल्कि समाज के लिए भी एक सवाल खड़ा करता है कि आखिर ऐसे असहाय और दिव्यांग परिवारों की जिम्मेदारी कौन लेगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाता है।
