Sidhi news:आश्वासन के बाद नोटिस! रेल रोको आंदोलनकारियों पर रेलवे की कार्रवाई से भड़का आक्रोश
Sidhi news:जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत भदौरा में 28 जनवरी को हुए रेल रोको आंदोलन के बाद अब रेलवे प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को नोटिस भेजे जाने से क्षेत्र में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आंदोलन के दौरान प्रशासन और रेलवे अधिकारियों द्वारा मांगें पूरी करने तथा आंदोलनकारियों पर कोई मुकदमा दर्ज न करने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था, इसके बावजूद अब करीब 300 से 400 लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रेल रोको आंदोलन के बाद रेलवे विभाग द्वारा चुनिंदा आंदोलनकारियों को चिन्हित कर कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से आनंद सिंह दुआ, रमेश पनाडिया, राजकुमार कोल (सरपंच धुआ डॉल), राजेश कोल (शंकरपुर, पूर्व सरपंच), रमेश कोल, श्यामवती सिंह (जनपद अध्यक्ष कुसमी), अखिलेश जायसवाल, प्रवीण सिंह, इंद्रपाल शुक्ला, पवन मिश्रा सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रशासन के वादों के ठीक विपरीत है।
Sidhi news:गौरतलब है कि 28 जनवरी को सीधी जिले के भदौरा रेलवे स्टेशन के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे। यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, जिसमें क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया गया था। आंदोलन की प्रमुख मांगों में इंटरसिटी ट्रेन का भदौरा में स्टॉपेज, भदौरा को विधिवत रेलवे स्टेशन का दर्जा दिए जाने सहित अन्य यात्री सुविधाओं की मांग शामिल थी। आंदोलन के दौरान कुछ समय के लिए रेल परिचालन बाधित हुआ था, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की थी।
आंदोलन समाप्त कराने के लिए एसडीएम कुसमी द्वारा आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया गया था कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और किसी भी आंदोलनकारी पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद आंदोलन को समाप्त किया गया था।
अब नोटिस जारी होने के बाद आंदोलनकारियों का कहना है कि यह प्रशासनिक विश्वासघात है। लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है और यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी दी जा रही है। क्षेत्र में एक बार फिर आंदोलन की आहट से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
