Sidhi news:एक मौत, कई सवाल,लावारिस ट्रैक्टर-थ्रेसर बने यमराज, पुलिस-प्रशासन बना मूकदर्शक…
Sidhi news:सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के सिहावल चौकी अंतर्गत मुख्य बाजार से लेकर सिहावल मुख्यालय तक की सड़कें आज खुद सवाल बन चुकी हैं। सड़कों के किनारे और बीचो-बीच खड़े लावारिस ट्रैक्टर-ट्रॉलिया, थ्रेसर और अन्य भारी वाहन हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। इन्हीं हालातों के बीच हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में एक बेकसूर पत्रकार की जान चली गई, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासन की नींद नहीं टूटी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिहावल मुख्य बाजार से सिहावल मुख्यालय तक भारी वाहनों का अवैध और लावारिस तरीके से खड़ा रहना आम बात हो गई है। दिन हो या रात, इन वाहनों की वजह से आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। बावजूद इसके न तो यातायात पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता दिखाई।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का साफ कहना है कि यदि समय रहते लावारिस वाहनों को हटाया गया होता और उनके मालिकों पर कार्यवाही की गई होती, तो शायद आज एक घर उजड़ने से बच जाता।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर सिहावल चौकी पुलिस की भूमिका क्या है? क्या उसकी जिम्मेदारी सिर्फ हादसे के बाद मौके पर पहुंचकर औपचारिकता निभाने तक ही सीमित है?
मुख्य बाजार जैसे संवेदनशील इलाके में सड़कों पर ‘मौत बनकर’ खड़े ट्रैक्टर-थ्रेसर आखिर किसकी शह पर खड़े हैं, यह भी बड़ा सवाल बना हुआ है।
चौंकाने वाली बात यह है कि हादसे के बाद भी मुख्य बाजार से लेकर सिहावल मुख्यालय तक लावारिस वाहनों के खिलाफ कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल है और लोगों को आशंका है कि कहीं अगला शिकार कोई और न बन जाए।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि तत्काल सिहावल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर सड़कों से लावारिस ट्रैक्टर-ट्रॉलिया, थ्रेसर और अन्य भारी वाहनों को हटाया जाए, दोषी वाहन मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था की जाए।
Sidhi news:अब सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का है। क्या सीधी जिला प्रशासन और सिहावल चौकी पुलिस किसी और हादसे का इंतजार कर रही है, या इस दर्दनाक घटना के बाद वास्तव में कोई ठोस कार्यवाही होगी, इसका जवाब फिलहाल सड़कों पर पसरी खामोशी दे रही।
।। सिंहावल से राजबहोर केवट की रिपोर्ट ।।
