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Sidhi news:”500 रुपए लेकर सोनोग्राफी करने वाला डॉक्टर फिर सिहावल में पदस्थ

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Sidhi news:”500 रुपए लेकर सोनोग्राफी करने वाला डॉक्टर फिर सिहावल में पदस्थ! भ्रष्टाचार की बदबू संग लौटी ड्यूटी, जनता में उबाल”

Sidhi news: स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर–पोस्टिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। पैसे लेकर सोनोग्राफी करने के आरोप में बदनाम हुए डॉ. रिकेश शर्मा को एक बार फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल में पदस्थ कर दिया गया है, जिससे आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों तक में रोष देखने को मिल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, 20 जून को संचानालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा कार्यालय द्वारा डॉ. रिकेश शर्मा का ट्रांसफर सिविल अस्पताल मैहर कर दिया गया था। यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद हुई थी, जिसमें डॉ. शर्मा द्वारा मरीजों से सोनोग्राफी के लिए 500 रुपए की डिमांड करते हुए मामला सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन CMHO ने जांच रिपोर्ट भेजी और डॉक्टर का तबादला कर दिया गया था।

लेकिन सूत्रों की मानें तो डॉ. शर्मा ने साठ–गांठ और “इनफ्लुएंस” का उपयोग कर सितम्बर के पहले सप्ताह में फिर से अपना तबादला सीधी जिला करा लिया।

अब, सिहावल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने और स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति का हवाला देकर डॉ. शर्मा को दोबारा वहीं भेज दिया गया है। क्षेत्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय संचालन, रीवा ने अस्थाई रूप से सोमवार व मंगलवार दो दिनों के लिए उनकी सिहावल में ड्यूटी लगा दी है।

इस निर्णय से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

Sidhi news: भाजपा नेता एवं समाजसेवी पवनदर द्विवेदी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा –

“पैसे लेकर इलाज करने वाले और भ्रष्टाचार में पकड़े गए डॉक्टर को फिर से उसी जगह पदस्थ करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और प्रश्नों से घिरा हुआ फैसला है। ऐसे व्यक्ति का मनोबल बढ़ता है और वह दोबारा मरीजों का शोषण करेगा। हम उच्च अधिकारियों से बात कर उनके ट्रांसफर को रद्द करवाने की मांग करेंगे।”

वहीं CMHO डॉ. बबीता खरे ने स्पष्ट किया कि यह ट्रांसफर उनके स्तर से नहीं किया गया है:

“यह आदेश रीवा से जारी हुआ है, जिसे हम सिर्फ अनुपालन कर रहे हैं।”

लोकल नागरिकों का कहना है कि जिस डॉक्टर को भ्रष्टाचार के आधार पर हटाया गया था, उसका उसी पद पर पुन: स्थापित होना स्वास्थ्य प्रणाली पर सवालिया निशान है। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो जन आंदोलन किया जाएगा।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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