संबल योजना की 4 लाख की सहायता हड़पने की कोशिश का आरोप, जनपद सदस्य के पति पर आदिवासी परिवार ने लगाए गंभीर आरोप; पुलिस जांच में जुटी
सीधी। जिले की ग्राम पंचायत सतनरा से एक आदिवासी परिवार द्वारा आर्थिक सहायता राशि हड़पने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने जनपद सदस्य के पति डॉ. मनोज कोल पर संबल योजना के तहत मिलने वाली चार लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने के नाम पर बैंक संबंधी दस्तावेज अपने कब्जे में रखने, चेकबुक और एटीएम कार्ड वापस न करने तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत शुक्रवार रात करीब 11 बजे जमोड़ी थाने में दर्ज कराई गई है।
शिकायतकर्ता विनोद कोल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि करीब सात माह पहले उनके पुत्र विशाल कोल की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद संबल योजना के तहत मिलने वाली चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा देकर डॉ. मनोज कोल ने पूरी प्रक्रिया अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि अशिक्षा और आर्थिक कमजोरी का फायदा उठाते हुए आवेदन में अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया। इतना ही नहीं, तीन खाली चेकों पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें अपने पास रख लिया गया तथा एटीएम कार्ड भी वापस नहीं किया गया।
विनोद कोल का आरोप है कि जब उन्होंने अपने चेक और एटीएम कार्ड वापस मांगे तो आरोपी ने देने से इनकार कर दिया। साथ ही फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर चेक, एटीएम कार्ड वापस दिलाने और आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे मामले पर जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह सभी आरोप शिकायतकर्ता विनोद कोल द्वारा दिए गए आवेदन पर आधारित हैं। डॉ. मनोज कोल और जनपद सदस्य सुमन कोल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

