सुर्खियों में चल रहा ग्राम पंचायत डेवा का भ्रष्टाचार
*तालाब निर्माण में मुख्यमंत्री के शाख को लगाया बट्टा*
*पुराने तालाब को नवीन बनाकर कर दिया गया लाखों का फर्जी भुगतान*
*संजय सिंह मझौली*
जिले के वनाँचल जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत डेवा का भ्रष्टाचार इन दिनों सुर्खियों में चल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक जिस तालाब को नवीन तालाब सनोहर नाला का नाम देकर अभी सूचना पटल लगाया गया है वह तालाब 40 से 50 वर्ष पुराना है इसमें जून 2025 में 2 दिन इसके बाद फरवरी 2026 में फिर दो दिन जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर से मिट्टी खुदाई कर मेढ़ में डाल दी गई लेकिन जब सूचना पटल लगाया गया उसमें नवीन तालाब निर्माण सनोहर नाला जिसकी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति 18.39 लाख एवं मानव दिवस मजदूरी 261 रुपए लेख किया गया है तब सवाल उठने लगे कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराना था जिसके लिए मझौली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के द्वारा ऑनलाइन भूमि पूजन किया गया था उसमें भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए नियम के अनुसार निर्माण कार्य होना चाहिए।
*ग्राम विकास की राशि में भी बड़ा फर्जीवाड़ा*
इसी तरह ग्राम विकास के लिए पांचवा राज्य वित्त आयोग से जारी की गई राशि में भी बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जैसे कि ई भुगतान क्रमांक 39 16222दिनांक 16 जून 2026 बिल संख्या 14 एवं भुगतान की गई राशि 552701 रुपए में एम एस नबी ट्रेडर्स,अर्पिता ट्रेडर्स, प्रद्युम्न ट्रेडर्स के नाम से एक ही बिल को दो-दो बार फीड कर 14 बिल का कोरम पूरा किया गया है जिसमें लगभग 2 लाख रुपए का गोलमाल किया जाना संभावित है।इसी तरह कई भुगतानों में फर्जीवाड़ा किया गया है।
*टैंकर मरम्मत एवं बोरी बंधान के नाम पर भुगतान किया गया बिल*
भुगतान किये गए बिलों में ट्रेंकर मरम्मत एवं बोरी बंधान का हवाला दिया गया है जबकि ग्रामीणों के मुताबिक तीन वर्षों से ट्रैकर कबाड़ की हालत में पड़ा है एवं कहीं भी बोरी बंधान का कार्य नहीं हुआ है इसी तरह अन्य सामग्री क्रय के नाम पर भी लाखों का भुगतान फर्जी वेंडरों के नाम भुगतान किया गया है।मामले को लेकर ग्रामीणों ने सी ई ओ जनपद पंचायत कुसमी से निष्पक्ष जांच कार्यवाही की मांग की है।
*इनका कहना*
जिस तालाब को नवीन तालाब सनोहर नाला नाम दिया गया है यह 40 वर्ष पुराना तालाब है इसमें नाम मात्र का गहरीकरण का कार्य कराया गया है मामले की जांच होनी चाहिए क्योंकि इसी तरह और भी कई फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत में किए गए हैं।
*महावीर यादव ग्रामीण*
जिसे नवीन तालाब बताया गया है वह 40 वर्ष पुराना तालाब है बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है।उसमें एक भी मजदूर काम नहीं किए हैं पूरा कार्य जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से कराया गया है।
*बृजलाल बैगा ग्रामीण*
हम ग्रामीणों को पता ही नहीं है की ट्रैंकर कहां है और कहां उपयोग हो रहा है, बोरी बंधान का काम भी कहीं नहीं कराया गया है लेकिन इसी तरह कई प्रकार का नाम देकर लाखों के भ्रष्टाचार ग्राम पंचायत में हो रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि भ्रष्टाचार में अंकुश लग सके।
*रामनरेश गुप्ता ग्रामीण*
आपके द्वारा मामला संज्ञान में दिया गया है तो सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और शासकीय कार्य नियम से होने चाहिए अगर ऐसा नहीं है तो कार्रवाई की जाएगी।
*ज्ञानेंद्र मिश्रा सीईओ जनपद पंचायत कुसमी*

