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2016 के बाद सतना मे सबसे खतरनाक स्थिति, SDRF-NDRF की टीमें राहत में जुटीं

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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मंदाकिनी का प्रकोप: चित्रकूट में भीषण बाढ़, रामघाट जलमग्न

2016 के बाद सबसे खतरनाक स्थिति, SDRF-NDRF की टीमें राहत में जुटीं

घंटों की बारिश ने बढ़ाया संकट

SDRF-NDRF :मध्य प्रदेश के सतना जिले के धार्मिक स्थल चित्रकूट में मंदाकिनी नदी रौद्र रूप में है। पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने नदी का जलस्तर खतरनाक सीमा 131.550 मीटर से ऊपर पहुंचा दिया है। इसके चलते रामघाट, भरतघाट, तुलसी घाट समेत सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं।

करीब 100 से अधिक दुकानों और दर्जनों घरों में पानी घुस गया है, जिससे व्यापारी और स्थानीय लोग रातोंरात सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

श्रद्धालु और पर्यटक हुए बेहाल

बाढ़ के कारण रामघाट और तुलसी मंदिर में जलभराव हो गया है। गंगा आरती स्थल पूरी तरह डूब चुका है, जिससे धार्मिक गतिविधियां भी ठप हो गई हैं।

गुप्त गोदावरी गुफा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, वहीं कई होटलों में पानी भरने से पर्यटक फंसे हुए हैं।

प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से बाढ़ में फंसे श्रद्धालुओं को नावों और रस्सियों की मदद से बाहर निकाला गया।

NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को राहत कार्य में लगाया गया है। दोनों दलों ने डूब क्षेत्र में फंसे करीब 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

होमगार्ड और डीआरसी के जवान भी लगातार सक्रिय हैं। बचाव कार्यों में SDRF-NDRF फ्रेंड नेटवर्क की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने स्थानीय नाविकों और वॉलंटियर्स के साथ मिलकर कई परिवारों को रेस्क्यू किया।

प्रशासन की मुस्तैदी, लगातार निगरानी

चित्रकूट के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और एसपी अरुण कुमार सिंह ने रामघाट का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

प्रशासन ने लोगों को घाटों और नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है। तहसीलदार कमलेश सिंह ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य की व्यवस्था की जा रही है।

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला आरोग्यधाम क्षेत्र का पुल भी पानी में डूब गया है, जिससे राज्यीय सड़क संपर्क टूट चुका है।

अभी और बिगड़ सकते हैं हालात

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है। इससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आपात स्थिति में प्रशासनिक हेल्पलाइन या सहायता केंद्रों से संपर्क करें।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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