विवादों में घिरे डॉक्टर एस.बी. खरे का transfer, शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे द्वारा कालिख पोतने के बाद आया आदेश
भोपाल/सीधी।
मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सीधी जिले के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. सरकार बहादुर खरे (एस.बी. खरे) का transfer कर दिया है। लंबे समय से विवादों में घिरे डॉ. खरे को सीधी से हटाकर रीवा संभागीय कार्यालय में वरिष्ठ संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। शासन का यह आदेश 02 फरवरी 2026 को जारी किया गया।
डॉ. एस.बी. खरे का नाम बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में सामने आता रहा है। हाल ही में सीधी में एक बड़े घटनाक्रम के दौरान शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने सार्वजनिक रूप से डॉ. खरे के मुंह पर कालिख पोत दी थी। यह घटना जिले भर में चर्चा का विषय बनी रही और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद से ही डॉ. खरे के स्थानांतरण की अटकलें तेज हो गई थीं।
शासन द्वारा जारी आदेश क्रमांक 183/PHME/3311/2025/सत्रह/मेडि-1 के अनुसार डॉ. खरे को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय, रीवा संभाग में पदस्थ किया गया है। वहीं उनके transfer के बाद जिला चिकित्सालय, सीधी की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से डॉ. कमल भान प्रजापति, अस्थि रोग विशेषज्ञ, को सौंपी गई है। डॉ. प्रजापति आगामी आदेश तक सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक का प्रभार संभालेंगे।
स्थानीय स्तर पर यह तबादला विवादों की परिणति के रूप में देखा जा रहा है। आमजन, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा लंबे समय से डॉ. खरे पर लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। शिवसेना द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन और कालिख पोतने की घटना ने मामले को प्रदेश स्तर तक पहुंचा दिया था।
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का मानना है कि यह तबादला विभाग की छवि सुधारने और सीधी जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की दिशा में एक अहम कदम है। अब सभी की निगाहें नए प्रभारी अधीक्षक पर टिकी हैं कि वे जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं में कितना सुधार ला पाते हैं।
यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से, अपर सचिव सीमा डहरिया के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
