टोल पूरा, सुविधा आधी! सोनवर्षा टोल प्लाजा की तीन लेन बंद, घंटों जाम से लोग परेशान
सीधी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर स्थित सोनवर्षा टोल प्लाजा इन दिनों यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले तीन दिनों से छह में से केवल तीन लेन ही संचालित हो रही हैं। फास्टैग होने के बावजूद वाहनों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस, बसों और मालवाहक वाहनों को हो रही है। टोल प्रबंधन का दावा है कि आकाशीय बिजली गिरने से सर्वर क्षतिग्रस्त हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि जब टोल पूरा वसूला जा रहा है तो सुविधा आधी क्यों मिल रही है?
सीधी-रीवा नेशनल हाईवे-39 पर स्थित सोनवर्षा टोल प्लाजा की व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई है। छह लेनों वाले इस टोल प्लाजा में पिछले तीन दिनों से केवल तीन लेन ही चालू हैं। नतीजा यह है कि दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और फास्टैग सिस्टम होने के बावजूद वाहन चालकों को कई मिनट तक टोल पर रुकना पड़ रहा है।
टोल पर लगने वाले जाम से यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है, वहीं वाहनों का ईंधन भी अतिरिक्त खर्च हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस, यात्री बसों और मालवाहक वाहनों को उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि जब टोल की पूरी राशि वसूली जा रही है तो सुविधाएं भी पूरी मिलनी चाहिए। फास्टैग का उद्देश्य बिना रुके आवागमन था, लेकिन यहां पूरी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में है।
वाहन चालक / यात्री “फास्टैग होने के बावजूद 10-15 मिनट तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। समय और डीजल दोनों बर्बाद हो रहे हैं। टोल पूरा लिया जा रहा है लेकिन सुविधा आधी मिल रही है।”टोल प्रबंधन के अनुसार कुछ दिन पहले गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सर्वर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कारण कई मशीनें बंद हो गईं और मजबूरी में तीन लेनों का संचालन रोकना पड़ा।
फिलहाल तकनीकी टीम मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। देवेंद्र मिश्रा, प्रबंधक, सोनवर्षा टोल प्लाजा”आकाशीय बिजली गिरने से सर्वर डैमेज हो गया है, जिसके कारण तीन लेन बंद करनी पड़ी हैं। तकनीकी टीम लगातार मरम्मत कर रही है। उम्मीद है कि शनिवार तक सभी लेन सामान्य रूप से चालू हो जाएंगी।
“हालांकि तकनीकी खराबी की बात अपनी जगह है, लेकिन इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि जब तक सभी लेन पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति खत्म हो और यात्रियों को राहत मिल सके।

