विद्यालय का रास्ता अवरुद्ध होने पर शिक्षकों ने सड़क में ही लगा दी क्लास
मामला शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी का
*संजय सिंह मझौली*
एक तरफ जहां शासन प्रशासन के द्वारा स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से जारी रहे उसके लिए कड़े दिशा निर्देश एवं नियम बनाए हैं लेकिन विद्यालय संचालन में सबसे बड़ी चुनौती सड़क विहीन क्षेत्र में विद्यालयों का होना है जिसके लिए स्थाई सड़क की व्यवस्था अनिवार्य होना चाहिए लेकिन उसके लिए न तो शासन प्रशासन गंभीर है और ना ही ग्राम पंचायत के जिम्मेवार ही गंभीर है नतीजन जब विद्यालय का रास्ता अवरुद्ध होने के चलते बीच सड़क पर कक्षाएं लगानी पड़े तब सभी दावे खोखले एवं बेमानी साबित हो जाते हैं।
कुछ इसी तरह का मामला जनपद शिक्षा केंद्र मझौली अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी का 10 जुलाई शुक्रवार को प्रकाश में आया है जहां विद्यालय का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों द्वारा सड़क में ही कक्षाएं लगाकर विरोध प्रकट किया गया । शिक्षकों ने बताया कि बरसात के हर सीजन में इसी तरह संबंधित भूमि स्वामी द्वारा रास्ता अवरुद्ध कर बच्चों को एवं हम शिक्षकों को परेशान किया जाता है इसलिए मजबूरन यह रास्ता अपनाया गया शासन प्रशासन से विद्यालय तक स्थाई सड़क बनवाने की मांग है ।
*प्रभारी मन्त्री के कार्यक्रम से कुछ ही दूरी पर संचालित थी सड़क पर क्लास*
इसे संयोग कहे या दुर्भाग्य की जब बच्चे सड़क पर बैठ कर भविष्य व शिक्षा की नीव रख रहे थे उसी समय सीधी जिले के प्रभारी मन्त्री दिलीप जायसवाल लगभग 15 किलोमीटर की दूरी चमराडोल व मझौली मे क्षेत्रीय विधायक की उपस्थिति मे सरकार की व अपनी उपलब्धियों की गौरव गांथा का बखान कर रहे थे l
*इनका कहना*
विद्यालय आने के लिए दो रास्ते थे लेकिन दोनों को भूमि स्वामियों के द्वारा बंद कर दिया गया है जिस कारण आज सड़क में ही कक्षाएं लगाकर बच्चों को पठन-पाठन कराया गया है और विरोध प्रकट किया गया है। विद्यालय के लिए स्थाई सड़क अनिवार्य है।
*रामदत्त पनिका प्रधानाध्यापक*
अभी मैं कार्यक्रम में हूं अगर ऐसी बात है तो समस्या के समाधान के लिए विभागीय स्तर से प्रयास किया जाएगा।
*अयोध्या प्रसाद पटेल बीआरसीसी*

