ग्राम सचिव पर मजदूरों की जगह नजदीकी लोगों के खातों में डेढ़ लाख रुपए डालने का आरोप,जांच की मांग

ग्राम सचिव पर मजदूरों की जगह नजदीकी लोगों के खातों में डेढ़ लाख रुपए डालने का आरोप,जांच की मांग

सीधी जिले के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसमी में पंचायत कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।

 ग्रामीणों ने कुसमी ग्राम पंचायत सचिव पर आरोप लगाया है कि पुलिया निर्माण में कार्य करने वाले वास्तविक मजदूरों को भुगतान करने के बजाय अपने पड़ोसियों और नजदीकी व्यक्तियों के खातों में करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि डालकर उसका आहरण किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार आदिवासी बस्ती में नारायण सिंह के घर के समीप करीब 10 लाख रुपए की लागत से पुलिया का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और पुलिया को आनन-फानन में तैयार कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया, जिससे कार्य की लागत और अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों की जगह सचिव ने अपने निज निवास ग्राम पंचायत रौहाल के कुछ व्यक्तियों एवं अपने नजदीकी लोगों के खातों में 1लाख52हजार रुपये मजदूरी की राशि डाली गई है। ग्रामीणों के मुताबिक भुगतान सूची में कुल सात मजदूरों के नाम दर्ज किए गए हैं। जिनमें आशीष, नीतू, नंदलाल, मनीष, अतुल, श्यामकली साहू और दिलीप कुमार साहू शामिल हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भुगतान पत्रक में संबंधित व्यक्तियों का पूरा नाम और पूरा पता स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया। इसके बावजूद उनके खातों में बड़ी राशि का भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल पंचायत के लोगों को भ्रमित किया गया, बल्कि शासन के नियमों का भी उल्लंघन हुआ है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी सात कथित मजदूरों के खातों में डाली गई राशि की विधिवत जांच कराई जाए। उन्होंने मांग की कि पंचायत भवन में अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में संबंधित व्यक्तियों को बुलाकर जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने वास्तव में पुलिया निर्माण में मजदूरी की थी या नहीं।

मामले में ग्रामीणों ने उपयंत्री पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य की समय-समय पर सही तरीके से जांच की गई होती तो कथित रूप से फर्जी मजदूरों के खातों में मजदूरी की राशि कैसे पहुंच जाती।

इस संबंध में जब कुसमी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें अभी हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी।

अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों के गंभीर आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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