उमरिया जिले के पाली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में वार्ड के पार्षद व नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल युवाओं और वार्डवासियों के साथ हाथों में फावड़ा लेकर सफाई करते नजर आ रहे हैं। जनप्रतिनिधि को सफाई कर्मचारी की भूमिका में देखकर लोग इसे श्रमदान से ज्यादा नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल के रूप में देख रहे हैं।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि वार्ड में गंदगी और जमा कचरे के बीच पार्षद खुद फावड़ा चला रहे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में युवा भी कंधे से कंधा मिलाकर सफाई में जुटे हैं। आमतौर पर जिन गलियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की होती है, वहां जनप्रतिनिधि और वार्डवासी खुद सफाई करते नजर आए तो मामला चर्चा का विषय बन गया।
शिकायतों के बाद भी नहीं जागा अमला
बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 2 में कई दिनों से नियमित साफ-सफाई नहीं हुई थी। वार्डवासियों का आरोप है कि उन्होंने नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
लंबे समय तक इंतजार करने के बाद वार्डवासियों ने आखिरकार खुद ही मोर्चा संभाल लिया। पार्षद और नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल भी उनके साथ फावड़ा लेकर मैदान में उतर गए। ऐसे में यह दृश्य महज सफाई अभियान नहीं, बल्कि नगर पालिका की व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता दिखाई दे रहा है।
उपाध्यक्ष बोले, शिकायत करते-करते थक गए
नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि वार्ड की सफाई को लेकर नगर पालिका में कई बार आग्रह किया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि अब उन्हें खुद वार्डवासियों के साथ सफाई के लिए उतरना पड़ा।
उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि और वार्डवासी बार-बार सफाई की मांग कर रहे हैं और फिर भी व्यवस्था नहीं सुधर रही, तो जनता के बीच नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस ने भी संभाला मोर्चा
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि मिश्रा ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 2 नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा है और यहां सफाई के लिए किसी राजनीतिक खींचतान की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
रवि मिश्रा ने कहा कि यदि नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद वार्ड में पहुंचकर सफाई करेंगे और वार्ड की जिम्मेदारी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता से सफाई के नाम पर व्यवस्था की उम्मीद करना गलत नहीं है, लेकिन यदि नगर पालिका को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के हाथ में फावड़ा देखना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
फिलहाल वायरल वीडियो ने पाली की सफाई व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि जब सफाई के लिए नगर पालिका का अमला मौजूद है, तो आखिर वार्डवासियों और जनप्रतिनिधियों को खुद फावड़ा क्यों उठाना पड़ा।